मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

09 अगस्त 2010

मध्यप्रदेशःछठी से आठवीं तक मौखिक परीक्षा भी

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा १ से ८ तक के विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने परीक्षा की मूल्यांकन प्रणाली को आसान बना दिया है। अब कक्षा छठी से आठवीं तक सभी विषयों की मौखिक परीक्षा लेने का प्रावधान कर दिया गया है। तीन कक्षाओं में गणित में भी मौखिक प्रश्न पूछे जाएँगे। इनके कुछ अंक होंगे।

राज्य शिक्षा केन्द्र ने परीक्षा के मूल्यांकन के नए निर्देश जारी किए हैं जबकि शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर २०१०-११ में इसका उल्लेख ही नहीं है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद यह कैलेंडर जारी हुआ। इसमें नई मूल्यांकन प्रणाली के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कक्षा छठी से आठवीं तक में परीक्षा लिखित में ही होती थी, किंतु अब १०० अंकों में से १० अंक के मौखिक प्रश्न भी पूछे जाएँगे। साल में एक बार २० अंक का बच्चों से प्रोजेक्ट कार्य करवाया जाएगा। कक्षा पहली से चौथी तक में अब तक मौखिक परीक्षा ली जाती थी, किंतु उसका प्रतिशत बहुत कम था। अब यह प्रतिशत कक्षा पहली व दूसरी में ५०-५० कर दिया गया है। कक्षा ३ से ५ तक में ३०-३० प्रश अंक मौखिक प्रश्नों के दिए जाएँगे। इधर राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार त्रैमासिक परीक्षा के बारे में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है(नई दुनिया,भोपाल,9.8.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।