बरेली कालेज में एलएलएम शुरू होने की राह में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की आपत्ति सामने आ गई है। विश्र्वविद्यालय ने शासनादेश के हवाले से कई आपत्तियां लगा दी हैं। साफ कहा है कि नैक से मूल्यांकन के अभाव और पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स संचालित किए बगैर बरेली कालेज में एलएलएम शुरू करने की स्वीकृति नहीं दी जा सकती है। बरेली कालेज में एलएलएम शुरू कराने की कोशिश कई वर्षो से चल रही है। कुछ वर्ष पहले प्रदेश के तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री जब बरेली आए थे, तब उन्होंने बरेली कालेज में एलएलएम की मंजूरी के लिए कालेज प्रशासन से प्रस्ताव भेजने को कहा था। उसके बाद बरेली कालेज की ओर से कई बार शासन को प्रस्ताव भेजे गए। लेकिन हर बार एमजेपी रुहेलखंड विश्र्वविद्यालय ने कोई न कोई आपत्ति लगा दी। अलबत्ता, आपत्ति के पीछे विश्र्वविद्यालय का अपना तर्क है। हर बार उसने शासनादेश के नियमों का हवाला देकर आपत्ति लगाई। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। विश्र्वविद्यालय ने यह कहकर आपत्ति लगाई है कि बरेली कालेज में चूंकि पांच वर्षीय एलएलबी संचालन नहीं है और न ही उसने नैक से शैक्षणिक गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया है, ऐसे में उसे परमीशन नहीं दी जा सकती। विश्र्वविद्यालय के उप कुलसचिव साहिब राम मौर्य ने बताया कि बरेली कालेज एलएलएम प्रारंभ करने के शासनादेश में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहा है। श्री मौर्य ने बताया कि आपत्ति के साथ कालेज प्राचार्य को पत्र भी लिखा गया लेकिन उन्होंने उसका कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि बरेली कालेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह का साफ कहना है कि विश्र्वविद्यालय प्रशासन नहीं चाहता कि बरेली कालेज में एलएलएम संचालित हो इसलिए वह परमीशन नहीं देना चाहता(दैनिक जागरम,बरेली,9.8.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।