सचिवालय सहायक संवर्ग को सरकार ने चुनावी साल में तोहफा दिया है। अब इस संवर्ग के लोग संयुक्त सचिव बन सकेंगे। वहीं इनके कोटे में उप सचिव और अवर के कई और पद आ गये हैं। केन्द्र के आलोक में सचिवालय सेवा के पुनर्गठन के कारण यह फायदा मिलेगा। मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गयी। वहीं श्रम विभाग के चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति उम्र 60 से बढ़ाकर 62 करने, पुलिस आधुनिकीकरण के लिए चालू वर्ष में 62 करोड़ की योजना के कार्यान्वयन, बंद चीनी मिल मोतीपुर,बनमनखी एवं बिहटा को निजी हाथों में सौंपने, राजगीर में समानांतर रज्जू मार्ग के निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये। बैठक के बाद विशेष सचिव मंत्रिमंडल वीके सिंह ने बताया कि सचिवालय सहायक के 2828 पद कर दिये गये हैं। सहायक संयुक्त संवर्ग के लोग संयुक्त सचिव स्तर तक प्रोन्नति पा सकेंगे। संयुक्त सचिव के पांच पद स्वीकृत किये गये हैं जो पहले नहीं थे। वहीं उप सचिव के 26 पद को बढ़ाकर 39, अवर सचिव के 112 पद को बढ़ाकर 168 और प्रशाखा पदाधिकारी के 576 पदों को बढ़ाकर बढ़ाकर 750 कर दिया गया है। औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2996 के तहत घोषित रियायतों की प्रतिपूर्ति के लिए चालू वर्ष में सरकार ने 105.61 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें वैट प्रतिपूर्ति के लिए 40 करोड़ और बिजली प्रतिपूर्ति के लिए 65.61 करोड़ है। श्रम संसाधन विभाग के बीमा चिकित्सा संवर्ग के चिकित्सकों की सेवा निवृत्ति आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गयी है। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और किशनगंज स्थिति दिग्घल बैंक के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी रामसागर पासवान को सरकार ने अनिवार्य सेवा निवृत्ति दे दी है। केन्द्र प्रायोजित पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 62.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है। इस राशि से नेपाल सीमा से लगने वाले जिलों में पुलिस भवन, हथियार, वाहन, उपकरण, होमगार्ड और संचार मद में यह राशि खर्च होगी। राज्य चीनी निगम के बंद तीन चीनी मिलों मोतीपुर, बनमनखी एवं बिहटा को निजी हाथों में 60 साल की लीज पर सौंपने का निर्णय किया गया है। बिहटा प्रेस्टाइन लाजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को 23.16 करोड़, मोतीपुर मेसर्स इंछियन पोटास को 56.20 करोड़ और बनमनखी एलएमजे इंटरनेशनल को 26.24 करोड़ की उच्चतर निविदा पर सौंपने का निर्णय किया गया है। साथ ही यहां काम करने वाले कामगारों के समायोजन व अनिवार्य सेवा निवृत्ति की योजना को मंजूरी दी गयी। स्थायी कर्मियों के लिए कट आफ डेट मार्च 2010 तथा सीजनल कर्मियों के लिए अंतिम पेराई सीजन तय की गयी है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति की शक्तियों में इजाफा किया गया है। सहायक अभियंता 5 के बदले 10 लाख, कार्यपालक अभियंता 50 लाख के बदले एक करोड़ और अधीक्षण अभियंता 10 के बदले 20 करोड़ तक की योजना को तकनीकी स्वीकृति दे सकेंगे। डीएम 50 लाख के बदले 20 करोड़ प्रमंडलीय आयुक्त 10 करोड़ के बदले 30 करोड़ और विभागीय प्रधान सचिव सचिव 30 करोड़ की योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे सकेंगे(दैनिक जागरण,पटना,25.8.2010)।
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