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08 अगस्त 2010

यूपी में आईटीआई में भी संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तैयारी

इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा की तर्ज पर आईटीआई में भी ज्वाइंट इंट्रेंस कराने की तैयारी है। व्यावसायिक शिक्षा परिषद और निजी आईटीआई प्रबंधन से इस संबंध में कई चक्र की वार्ता हो चुकी है। राज्य सरकार और निजी आईटीआई प्रबंधन के बीच केवल सीटों का कोटा तय होना बाकी है। राज्य सरकार ४० फीसदी प्रबंधन कोटा देना चाहती है और निजी आईटीआई संचालक ५० फीसदी से अधिक कोटे की मांग कर रहे हैं। प्रदेश में इस समय सरकारी आईटीआई में एडमिशन के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा होती है और निजी आईटीआई की सीटें प्रबंधन खुद भरता है।

सरकारी आईटीआई में ५३ हजार सीटें
प्रदेश में इस समय २६७ सरकारी आईटीआई में ५३ हजार सीटें हैं। निजी क्षेत्र के ६०२ आईटीअई में ७१ हजार २२८ सीटें हैं। ९० नए आईटीआई खुलने वाले हैं। प्रत्येक आईटीआई में ८४ सीटें होंगी। इस हिसाब से ७५६० सीटें और बढ़ जाएंगी। प्रदेश में इन सभी को मिलाकर १ लाख ३१ हजार ७८८ सीटें हो जाएंगी। राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी और निजी आईटीआई की संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा तथा सीटें भी एक साथ भर जाएंगी।

व्यावसायिक शिक्षा बोर्ड का गठन
राज्य सरकार निजी आईटीआई प्रबंधन से सहमति बनाने के बाद अगले साल एडमिशन के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित कराना चाहती है, क्योंकि प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक शिक्षा परिषद के स्थान पर व्यावसायिक शिक्षा बोर्ड का गठन कर दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों की मानें तो निजी आईटीआई प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। केवल सीटों के कोटे पर निर्णय होना बाकी है। गौरतलब है कि प्रदेश में आईटीआई पास छात्रों को पॉलीटेक्निक द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश मिलने की वजह से आईटीआई करने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है। आईटीआई में कक्षा आठ पास छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। इसमें एक से लेकर तीन वर्ष के विभिन्न ट्रेड हैं(शैलेंद्र श्रीवास्तव,अमर उजाला,लखनऊ,8.8.2010)।

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