पीजी कॉलेज में नॉन मेडिकल के लिए बढ़ी 60 सीटों पर सोमवार को मेरिट के आधार पर प्रवेश हुए। कॉलेज में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की ओर से गत सप्ताह नॉन मेडिकल संकाय के लिए 60 सीटों की वृद्धि हुई थी। इन सीटों के लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से सोमवार मेरिट के आधार पर ऑन स्पॉट विद्यार्थियों को प्रवेश का मौका दिया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया के तहत दोपहर एक बजे तक विद्यार्थियों से सादे कागज पर आवेदन फॉर्म लिए गए। समय सीमा में 300 विद्यार्थियों ने अपने आवेदन जमा करवाए। आधे घंटे बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से मेरिट लिस्ट जारी की गई।
बाद में लिस्ट के मुताबिक सामान्य वर्ग में 68.4 प्रतिशत तक व बीसीबी वर्ग में 62.2 तक के विद्यार्थियों को प्रवेश दिए गए। इसके लिए बीसीए में रिक्त रही 22 सीटों पर भी प्रवेश हुए। 22 सीटों के लिए मात्र 13 ही आवेदन आने के कारण आज भी 9 सीटें खाली रह गई। बीसीएम में सोमवार को हुए प्रवेश में नौ सामान्य वर्ग व चार एसी वर्ग के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
कॉलेज प्राचार्य दलीप सिंह ने बताया कि नान मेडिकल के लिए बढ़ी सीटों के लिए मेरिट के आधार पर प्रवेश किए गए हैं। आज जिन बच्चों के मेरिट के आधार पर प्रवेश हुए हैं उनसे विश्वविद्यालय की ओर से जारी दिशा निर्दश के हिसाब से फीस ली गई है। प्रवेश प्रक्रिया में डॉ. कर्ण सिंह, डॉ. हवासिंह, डॉ. एलएस यादव, सुनील कुमार, संजय कुमार आदि प्रोफेसरों ने सहयोग किया।
प्रवेश मिलने पर चहकते नजर आए युवा
नए शैक्षणिक सत्र के प्रवेश के अंतिम दौर में बढ़ी इन सीटों पर जिन विद्यार्थियों का सोमवार को प्रवेश का मौका मिला वे अपनी खुशी को छुपा नहीं सके। पहले प्रवेश से वंचित रहे इन विद्यार्थियों ने कॉलेज सीटें बढ़ाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार जताया है।
सोमवार को मेरिट लिस्ट में अपना स्थान बनाने वाले गांव सिलारपुर के छात्र प्रवीण के मुताबिक वे रेगुलर बीएससी करना चाहते थे। लेकिन प्रवेश के लिए जारी अंतिम मेरिट सूची में उनका नाम नहीं आने से वे काफी मायूस हुए थे। शनिवार को उसके एक साथी ने बताया कि कॉलेज में विश्वविद्यालय की ओर से सीटे बढ़ाई गई है। सोमवार को ऑन स्पोट प्रवेश होंगे। इस पर वो सुबह ही कॉलेज में आ गया था। आज मेरिट सूची में मेरा नाम देखा तो उसे काफी खुशी हुई।
गांव नांगल कालिया निवासी नवीन भी सोमवार को अपने प्रवेश को लेकर काफी खुश था। उसने बताया कि उसने बीसीए में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। आज खाली रही सीटों पर कॉलेज प्रशासन ने विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए दिए मौके ने उसे अवसर उपलब्ध करवाया दिया। गांव हमीदपुर निवासी रितु भी कॉलेज में प्रवेश के लिए पहले जारी हुई तीन लिस्टों में स्थान नहीं बना पाया था। उसने बताया कि कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलने पर उसने जेबीटी कॉर्स करने का मन बना लिया था। लेकिन अब विश्वविद्यालय ने जब सीटें बढ़ा दी तो उसे प्रवेश का मौका मिल गया। गांव हमीदपुर निवासी मुनीबाला ने बताया कि कॉलेज में बढ़ी सीटें उसके लिए वरदान साबित हुई हैं। अंक प्रतिशत कम होने के कारण पहले वो प्रवेश से वंचित रह गई थी। घर वाले भी आगे पढ़ाई के लिए मना कर चुके थे। यदि ये सीटें नहीं बढ़ती तो वह उच्चतर शिक्षा से वंचित रह जाती।
दुबलाना निवासी सुमन ने बताया कि पहले लिस्ट में उनका नाम नहीं आने से वह प्रवेश नहीं ले सकी थी। उसके घर वालों ने अगले साल तक इंतजार करने के लिए कह दिया था। लेकिन बढ़ी सीटों के लिए हुए प्रवेश के दौरान उसका एडमिशन हो गया है। इससे उसका एक साल बच गया। इसके लिए वह कॉलेज व विश्वविद्यालय की सदा आभारी रहेगी(दैनिक भास्कर,मंडी अटेली,10.8.2010)।
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