अब मौज-मस्ती के लिए हॉस्टल से गायब हुए अथवा क्लास बंक की तो स्टूडेंट्स के अभिभावकों को तत्काल इसका पता चल जाएगा। हॉस्टल से बाहर कदम रखते ही उनके परिजनों के मोबाइल पर पहुंच जाएगा एसएमएस।
जी हां,पढ़ाई से भटककर अन्य क्रियाकलापों में लगने वाले कोचिंग विद्यार्थियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, कोचिंग संस्थान व हॉस्टल संचालकों की डिमांड पर एक सिक्योरिटी एजेंसी ने ‘स्टूडेंट मॉनिटरिंग एसएमएस सिस्टम’ सॉफ्टवेयर तैयार किया है। फिलहाल यह सिस्टम शहर के दो हॉस्टल में लगाए जा चुके हैं।
हर साल हजारों बच्चे डॉक्टर व इंजीनियर बनाने का सपना संजोए कोटा आते है, लेकिन उनमें से कई बच्चे भटककर अन्य गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। एेसे स्टूडेंट से पुलिस, हॉस्टल संचालक व कोचिंग संस्थान सभी परेशान थे। परिजनों को पता ही नहीं चलता है कि उनके बच्चे हॉस्टल व कोचिंग से गायब होकर मौज मस्ती मंे कर रहे हैं।
ऐसी स्थिति में हॉस्टल संचालकों ने उन पर नजर रखने के लिए एलर्ट सिक्योरिटी एजेंसी के संचालक गुलजार को एक प्रपोजल दिया था। जिसमें ऐसा सिस्टम मांगा था कि बच्चों के हॉस्टल व कोचिंग में आने-जाने की सूचना सीधे उनके परिजनों तक पहुंच सके। एजेंसी ने बायोमेट्रिक सिस्टम वाला यह सॉफ्टवेयर तैयार किया।
इसे मुख्य द्वार पर लगाया जाएगा। जहां तैनात वार्डन अथवा सिक्योरिटी गार्ड इसमें हर स्टूडेंट्स को हॉस्टल अथवा कोचिंग संस्थान में आते व जाते समय अपनी अंगुली रखवाएगा। जैसे ही वह अंगुली रखेगा, उससे जुड़े कंप्यूटर से उसके परिजनों के पास एसएमएस पहुंच जाएगा कि आपका बेटा या बेटी बाहर जा रहे है अथवा भीतर आए हैं।
परिजनों को उनके कोचिंग आने-जाने का समय पहले से ही पता रहेगा। यदि स्टूडेंट उस समय के अलावा हॉस्टल से बाहर जाता है तो परिजनों को इसकी जानकारी रहेगी। वे तत्काल फोन करके उससे पूछताछ कर सकते हैं। उन्हें यह भी पता चल जाएगा कि स्टूडेंट हॉस्टल में कब लौटा।
एक माह तक टाइम रहेगा रिकार्ड
इस सिस्टम में एक माह तक का टाइम बेकअप रहेगा। परिजन अथवा पुलिस जरुरत पड़ने पर वहां रहने वाले स्टूडेंट का आने-जाने के समय का बेकअप ले सकती है।
छुट्टियों का भी पता चल जाएगा
यदि स्टूडेंट लीव पर गया है तब भी उसे कंप्यूटर पर छुट्टियों के दिन भरने होंगे। इससे उसके परिजनों को लीव की सूचना पहुंच जाएगी। यदि उसने छुट्टी की सूचना फीड नहीं की तो सॉफ्टवेयर लगातार हर दिन उसके परिजनों को उसके गायब रहने की सूचना भेजता रहेगा(दैनिक भास्कर,कोटा,9.8.2010)।
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