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02 अगस्त 2010

बिहारःहड़ताल से इंटर के छात्र परेशान

शिक्षकेतर कर्मचारियों की हड़ताल अब सूबे के हजारों प्रतिभाशाली छात्रों की योजनाओं पर पानी फेरने लगी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटर की परीक्षा देने वाले हजारों छात्र स्क्रूटनी के इंतजार में हैं। स्क्रूटनी के लिए समिति को आवेदन दिया है लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सारा काम ठप है। इंटर की कापियों का स्क्रूटनी नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते सूबे के छात्रों का नामांकन देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में नहीं हो पा रहा है। उनकी आशाओं पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भी कर्मचारियों की हड़ताल के आगे विवश है। बताते चलें कि इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो.ए.के.पी.यादव ने दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के परीक्षाफल जारी करते समय कहा था कि जल्द से जल्द स्क्रूटनी करायी जायेगी। ताकि सूबे के छात्रों का नामांकन देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में हो सके। लेकिन शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की हड़ताल ने समिति की एक नहीं चलने दी। 18 जुलाई से ही इंटर की कापियों का स्क्रूटनी होनी थी लेकिन अब तक स्क्रूटनी शुरू नहीं हो पायी है। राजधानी के एक विद्यालय से इंटर की परीक्षा देने वाले प्रियांशु का कहना है कि पिछले बीस दिनों से परीक्षा समिति का चक्कर काट रहा हूं। लेकिन स्क्रूटनी कब शुरू होगी कोई बताने को तैयार नहीं है। प्रियांशु का कहना है कि दिल्ली के एक प्रतिष्ठित संस्थान में नामांकन के लिए योजना बनायी थी। सभी तैयारी कर ली थी लेकिन इंटर का रिजल्ट कुछ अंकों के लिए गड़बड़ा गया। सोचा था स्क्रूटनी के बाद सब ठीक हो जायेगा। लेकिन सब कुछ चौपट हो गया। संस्थान में नामांकन की अन्तिम तिथि 31 जुलाई थी। अब स्कू्रटनी होने से भी कोई लाभ नहीं मिलने वाला है। उधर कई छात्रों का बैंकों के प्रति भी काफी आक्रोश है। छात्रों का कहना है कि काफी पहले स्क्रूटनी के लिए बैंक से आवदेन किया था लेकिन आवेदन ही अभी तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को प्राप्त नहीं हो पाया है। बैंकों की लापरवाही के कारण भी स्क्रूटनी का कार्य प्रभावित होने की उम्मीद है(दैनिक जागरण,पटना,2.8.2010)।

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