राज्य सरकार की सुस्ती के चलते उच्च शिक्षा में ज्यादा विद्यार्थियों के जुडाव की यूजीसी की योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है। मॉडल कॉलेजों में 50 प्रतिशत केन्द्र सरकार को अनुदान देना है, लेकिन उसके आवेदन नहीं पहुंचे है। बिना ग्रेड वाले विश्वविद्यालयों को पांच साल तक अपना स्टैण्डर्ड मानकों के अनुसार करने के लिए अनुदान की व्यवस्था की गई है, लेकिन उसकी भी राज्य की ओर से मांग नहीं की गई है।
यह बात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. सुखदेव थोराट ने कही। वे सुखाडिया विश्वविद्यालय में आयोजित सुखाडिया स्मृति व्याख्यानमाला (उ“ा शिक्षा: मूल्य व चुनौतियां) में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। विश्वविद्यालय से स्थायी सम्बद्धता मांगने वाले संस्थानों की पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे वांछित मापदंड पूरे करते हैं तो बिना समय गंवाए विश्वविद्यालयों को यह काम कर देना चाहिए।
मुख्य अतिथि केन्द्रीय ग्रामीण व पंचायत राज मंत्री सी पी जोशी ने अलग-अलग शैक्षिक संस्थानों में भर्ती के अलग-अलग तरीकों को अनुचित बताया और यूजीसी से सभी जगह भर्ती के एक मानक तय करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान छात्र राजनीति अपने मूल्यों से भटकी हुई सी नजर आती है। उच्च शिक्षा में नामांकन बढाने के लिए उन्होंने पहले प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत बताई(राजस्थान पत्रिका,उदयपुर,2.8.2010)।
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