भ्रष्टाचार की इस अनंत कथा के अंत से पहले शायद यही पड़ाव तय था। जी हां, झारखंड लोकसेवा आयोग द्वारा संचालित द्वितीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा पास करके अफसर बने 172 में 100 अफसरों की नौकरी अब खतरे में है। इस मामले की जांच कर रही निगरानी की टीम ने पाया है कि इस परीक्षा के माध्यम से 172 में से 100 से अधिक ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्हें गलत तरीके से नियोजित किया गया । निगरानी ने यह सूची बना ली है और अब वह इसकी अंतरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने वाली है। निगरानी के आईजी एम.वी.राव ने बताया कि वह राज्य सरकार को अगले सप्ताह तक रिपोर्ट सौंप देंगे। उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले भी सरकार द्वारा गलत तरीके से नियोजित 19 अफसरों को बर्खास्त किया जा चुका है। निगरानी आई.जी. के मुताबिक जेपीएससी द्वारा संचालित द्वितीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा की जांच पूरी कर ली गई है। इसीलिए तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद और सचिव सह परीक्षा नियंत्रक एलिस उषा रानी समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी के लिए राज्य भर में छापेमारी की जा रही है। इसके लिए निगरानी ने टास्क फोर्स भी गठित किया है(राजीव किशोर,दैनिक जागरण,रांची,22.9.2010)।
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