लंबे इंतजार के बाद,उत्तरप्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने टीजीटी, पीजीटी के लगभग आठ हजार पदों के लिए रिक्तियां घोषित करने का खाका तैयार कर लिया है। रिक्तियां अक्तूबर में घोषित होंगी। शासन के हस्तक्षेप पर सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों ने वित्तपोषित विद्यालयों में रिक्त सहायक अध्यापक और प्रवक्ता पदों का ब्योरा चयन बोर्ड को भेज दिया है। बोर्ड में इन दिनों विषय और श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण तैयार किया जा रहा है। शासन ने बजट का संकट भी दूर कर दिया है। सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बातचीत में संकेत दिया कि परीक्षा प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त अनुदान का इंतजाम कर दिया गया है।
यूपी बोर्ड से जुड़े वित्तपोषित विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के लगभग छह हजार और प्रवक्ता के दो हजार पद रिक्त हैं। चयन बोर्ड ने भर्ती के लिए डीआईओएस से रिक्तियों का ब्योरा मांगा था। आरोप है कि स्कूलों ने डीआईओएस को ब्योरा देने में छह महीने से अधिक लगा दिए जिसके कारण पूरे एक सत्र की रिक्तियां डंप हो गईं। भर्ती के लिए दबाव पड़ने पर चयन बोर्ड ने रिक्तियों का ब्योरा लेने के लिए शासन से आग्रह किया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के हस्तक्षेप पर डीआईओएस ने स्कूलों से ब्योरा लेने के लिए अधिकारियों को लगाया। सभी जिलों से ब्योरा चयन बोर्ड को प्राप्त हो गया है। चयन बोर्ड सूत्रों के मुताबिक उसे विषय और श्रेणी के अनुरूप विभाजित किया जा रहा है। ३० सितंबर तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। अक्तूबर के पहले या अधिकतम दूसरे हफ्ते तक चयन प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासन से सहमति मिल गई है(अमर उजाला,इलाहाबाद,21.9.2010)।
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