दिल्ली विश्वविद्यालय में राज्य सरकार के १२ कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों को एक और झटका लगा है। सरकार ने यहां नियुक्त शिक्षकों को पेंशन स्कीम, हाउसिंग और ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के तहत दिए जाने वाले पैसे से हाथ खींच लिया है। इस बाबत कॉलेज प्रशासन को पत्र भी भेजा गया है। सरकार के इस रवैये कॉलेजों के शिक्षक व कर्मचारी खासे नाराज हैं।
विवि में दिल्ली सरकार के अधीन १२ कॉलेज अदिति, आचार्य नरेन्द्रदेव कॉलेज, आईजीआई ऑफ फिजिकल साइंस, केशव, अंबेडकर, अग्रसेन, भास्कराचार्य, भगिनी निवेदिता, महर्षि बाल्मिकि, शहीद सुखेदव, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज और शहीद राजगुरू में ६ सितंबर, २०१० को उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक पत्र भेजा है। उपनिदेशक कमल मल्होत्रा के हवाले से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रशासन १ जनवरी २००४ से नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को पेंशन, हाउसिंग और ग्रुप इंश्यारेंस जैसे अन्य स्कीम में कोई पैसा नहीं दे। पत्र से नाराज शिक्षकों ने बताया कि सरकार की यह वादाखिलाफी है। यह पेंशन फंड के तहत १० फीसदी दिए जाने वाले हिस्से से हाथ खींचने की कोशिश है। अगर सरकार इस पत्र को वापस नहीं लेती तो इसके खिलाफ आनेवाले दिनों में शिक्षक आंदोलन छेड़ेंगे। विवि में कार्यकारी परिषद सदस्य राजीव रे ने बताया कि पांच साल पहले नई पेंशन स्कीम लागू करते वक्त सरकार ने १० फीसदी देने का वायदा किया था। इन कॉलेजों के ेशिक्षक व कर्मचारी दिल्ली सरकार के इस वादाखिलाफी से खासे नाराज हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह उन १२ कॉलेजों को भी पूरी तरह अपने अधीन चलाए। एक प्राचार्य ने इस पत्र की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों में असंतोष फैलेगा(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,13.9.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।