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13 सितंबर 2010

बरकतउल्ला विविःअसमंजस में छात्रों का भविष्य

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के मनमाने रवैये के चलते बीएससी ह्यूमन न्यूट्रिशन के छात्रों का भविष्य असमंजस में फंस गया है। विवि प्रबंधन ने बाले-बाले न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 33 से बदलकर 50 (आंतरिक मूल्यांकन के बिना) कर दिए और इसकी जानकारी किसी भी कॉलेज को नहीं दी। जब लंबे इंतजार के बाद रिजल्ट आया तो छात्रों के होश उड़ गए। अब छात्र व पैरामेडिकल कॉलेज विवि के चक्कर काट रहे हैं।


रुझान खत्म करने नया नियम: वैसे ही ह्यूमन न्यूट्रिशन जैसे विषयों में छात्रों का रुझान कम ही रहता है, लेकिन विवि द्वारा जारी मनमाने रिजल्ट ने रुझान खत्म करने के लिए नया कदम उठा लिया है। अब तक डिग्री इन ह्यूमन न्यूट्रिशन के पाठ्यक्रम में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 33 दर्शाए गए हैं, लेकिन विवि प्रबंधन ने बीपीटी, बीएमएलटी, डीएमएलटी वअन्य पाठ्यक्रमों की तर्ज पर न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 50 कर दिए। इसकी जानकारी किसी भी कॉलेज को नहीं दी गई। यहीं नहीं पैरामेडिकल काउंसिल नियमों के मुताबिक 50 अंक में आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी शामिल होना चाहिए, लेकिन विवि ने आंतरिक मूल्यांकन के अंक जोडऩा भी मुनासिब नहीं समझा। इस तरह विवि ने सैकड़ों छात्रों को फेल कर दिया।


भटकते रहे छात्र: निजी कॉलेज में बीएससी ह्यूमन न्यूट्रिशन की व्याख्याता प्रियंका व उजमा सुल्तान बताती हैं कि अगर आंतरिक मूल्यांकन के अंको को सम्मिलित किया जाता है तो अधिकांश छात्र पास हो सकते हैं। वैसे भी विवि ने 2008 में एडमिशन पाने वाले छात्रों की परीक्षा में विलंब करते हुए 2010 में परीक्षा का आयोजन किया। उसके बाद छात्र रिजल्ट के लिए भटकते रहे। जब रिजल्ट आ गया तो उसे सुधरवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।


इनका कहना है: निजी कॉलेजों की शिकायत मिली है। प्रबंधन मामले की जांच करवा रहा है। समय रहते निराकरण कर दिया जाएगा।
संजय तिवारी, कुलसचिव, बरकतउल्ला विवि
(विहंग सालगट,दैनिक भास्कर,भोपाल,13.9.2010)

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