पंजाब सरकार ने शिक्षक दिवस पर तोहफा देते हुए ठेके पर रखे गए 14 हजार शिक्षकों को तय समय से पहले नियमित करने की घोषणा की। इस पर अंतिम मुहर 7 सितंबर की प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में लगेगी। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने रविवार को लेह में राहत सामग्री भेजने के बाद टीचिंग फेलो (शिक्षकों) को भी पक्की नौकरी का ऐलान कर तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की यह नौकरी पहली सितंबर से ही नियमित मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा ही कर्मचारियों के साथ नरम रवैया अपनाया है और उनकी प्रत्येक मांग को माना है। सितंबर 2008 में सरकार ने 9999 व 4000 अध्यापकों को प्राइमरी एवं सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में ठेके पर भर्ती किया था। इनको सरकार ने साढ़े तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया था, जिसका समय 2012 में पूरा होना था। इन शिक्षकों को नियमित करने से सरकार को प्राइमरी शिक्षक को 17562 रुपये और सीनियर सेकेंडरी शिक्षक को 21492 रुपये का ग्रेड देना होगा। इससे सरकार पर अनुमानित 195 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने की संभावना है। इसकी पुष्टि खुद मुख्यमंत्री बादल ने भी की। महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य में अभी विधानसभा चुनाव में करीब दो वर्ष का समय बाकी है, लेकिन मौजूदा अकाली दल-भाजपा सरकार ने अभी से ही बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी कारण अब आगामी दिनों में पंजाब सरकार शिक्षकों के संघर्ष से भी राहत लेने के लिए उन्हें पंचायती राज में ही शिक्षा विभाग से मिलने वाली सुविधाएं मुहैया करवाने का मन बना चुकी है(दैनिक जागरण,जालंधर,6.9.2010)।
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