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06 सितंबर 2010

दिल्लीःवकीलों को ई-मेल से मिलेगी फैसलों की प्रति

अब वकील को किसी भी केस में वकालतनामा दाखिल करने के साथ-साथ अपना ई-मेल पता भी उसमें लिखकर देना होगा ताकि कोई भी सूचना या मांगा गया दस्तावेज ई-मेल के माध्यम से भेजा जा सके। इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के निर्देशानुसार रजिस्ट्रार जनरल राकेश कपूर ने कड़कड़डूमा कोर्ट, तीस हजारी, पटियाला हाउस, रोहिणी, द्वारका और साकेत कोर्ट में काम करने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों को सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ई-मेल पता उन्हीं वकीलों को देना होगा, जिनका ई-मेल एकाउंट है। यह बाध्यता नहीं है, मगर ऐसा करने से वकीलों को अधिक से अधिक फायदा जरूर होगा। कई बार समन एवं आदेश वकीलों तक नहीं पहंुच पाते। ऐसे में ई-मेल के जरिये वकीलों तक केस के संबंध में कोई भी संदेश भेजना आसान हो जाएगा। इसके अतिरिक्त कोई वकील किसी फैसले की प्रति के लिए अदालत में आवेदन करता है तो उसे फैसले की प्रति ई-मेल के जरिए भेज दी जाएगी। वकील इसके लिए भागदौड़ से बच जाएगा। हाईकोर्ट ने सर्कुलर के माध्यम से राजधानी के सभी न्यायिक अधिकारियों को यह भी निर्देश जारी किया है कि अगर कोई वकील आपराधिक मामले में किसी व्यक्ति की पैरवी के लिए वकालतनामा दाखिल करता है तो उसको अदालत के समक्ष यह भी विवरण देना होगा कि आरोपी पर उस तरह के अपराध में कितनी अदालतों में केस चल रहा है। इससे अदालतों को रिकार्ड व्यवस्थित करने में वकीलों से मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोट राजधानी की सभी जिला अदालतों के कार्यो व प्रक्रिया को अधिक से अधिक हाईटेक करने की प्रक्रिया चला जा रहा है। इसके तहत जिला अदालतों के रिकार्ड को कम्प्यूटरीकृत किया जा चुका है(पवन कुमार,दैनिक जागरण,दिल्ली,6.9.2010)।

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