राज्य के 125 सरकारी व प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में आरपीईटी,10 की दूसरी काउंसलिंग(अपवर्ड मूवमेट) के बाद खाली रही सीटों पर कॉलेज सीधे प्रवेश दे सकेंगे। राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। खाली सीटें भरने के लिए कॉलेजों को 10 दिन का समय दिया गया है।
भास्कर ने रविवार को ‘12वीं पास सीधे इंजीनियरिंग में’ खबर प्रकाशित की थी। इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में विभिन्न ब्रांचों की 50 हजार में से करीब 16 हजार सीटें खाली रहने का अनुमान है, जिन पर राज्य सरकार ने सीधे प्रवेश की छूट दे दी है।
तकनीकी शिक्षा विभाग,राजस्थान के विशेषाधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि आरपीईटी-10 के माध्यम से पूर्व में आवंटित कॉलेज में फीस जमा कराकर दाखिला लेने वाले अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति में 4 अक्टूबर के बाद संस्थान स्तर पर प्रवेश की सूची स्वीकार नहीं होगी।
प्रवेश प्रक्रिया के लिए कॉलेज स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा। सीधी भर्ती में 1 अक्टूबर तक ड्रॉपआउट सीटों को भी शामिल किया जाएगा
22 सितंबर को कॉलेज नोटिस बोर्ड व अपनी वेबसाइट पर ब्रांचवार सूची उपलब्ध कराएंगे।
23 सितंबर को कॉलेज में इंटरनल स्लाइडिंग का लाभ देते हुए वरीयता क्रम में प्रवेश देंगे।
24 सितंबर को शाम 5 बजे तक कोर्स के अनुसार रिक्त सीटों की सूचना आरपीईटी कार्यालय को देंगे।
26 सितंबर तक खाली सीटों की सूचना आरपीईटी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
कॉलेज 1 अक्टूबर तक सीधे प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करके अंतिम सूची 4 अक्टूबर तक आरपीईटी को भेजेंगे।
यह रहेगी प्रक्रिया
एनरोलमेंट के लिए कॉलेज जिम्मेदार
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजों द्वारा सूचना उपलब्ध न कराए जाने पर आरपीईटी-10 कार्यालय केवल काउंसलिंग के जरिए प्रवेश लेने वाले छात्रों की सूची को नामांकन(एनरोलमेंट) के लिए आरटीयू को भेजेगा। सीधी भर्ती प्रक्रिया में प्रवेश लेने वाले छात्रों के एनरोलमेंट की जिम्मेदारी स्वयं संस्थान की रहेगी।
याद रहे पिछले साल भी समय पर सूचियां नही मिलने से बीटेक प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में बैठने के लिए ऐसे छात्रों को अस्थायी अनुमति दी गई थी। उनके एनरोलमेंट परीक्षा के बाद किए गए थे।
यह रहेगी प्रवेश की वरीयता
आरपीईटी,10 देने वाले परीक्षार्थी
एआई ईईई के अभ्यर्थी जो राज्य के मूल निवासी हों।
एआई ईईई के अभ्यर्थी जो दूसरे राज्य के मूल निवासी हों।
12वीं पास राज्य के मूल निवासी छात्र
(दैनिक भास्कर,कोटा,22.9.2010)
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