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27 सितंबर 2010

राजस्थानःपॉलीटेक्निक की 40 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली

राजस्थान के सरकारी और अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया की रफ्तार इतनी धीमी रही है कि पढ़ाई का समय तो खराब हुआ ही है, सीटें भी खाली रह गई हैं। उदयपुर संभाग में तो 40 फीसदी से भी अघिक सीटें खाली हैं जिनमें अब प्रवेश आसान नहीं होगा, क्योंकि पूर्व की काउंसलिंग में स्थान न मिलने पर छात्रों ने स्कूलों व अन्यत्र प्रवेश ले लिया। इसके अलावा जो अब प्रवेश लेंगे उनकी पढ़ाई 18 अक्टूबर के बाद शुरू हो पाएगी।


पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्रथम वर्ष में प्रवेश की न्यूनतम योग्यता दसवीं है। सीबीएसई और राजस्थान बोर्ड का दसवीं का परिणाम जून में ही आ गया था। इसके बाद आवेदन भरे गए और पहली काउंसलिंग का क्रम एक सितम्बर से शुरू हुआ। पहली और दूसरी काउंसलिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया 25 सितम्बर को समाप्त हुई।

ऎसे में दसवीं उत्तीर्ण कई विद्यार्थियों ने प्रवेश की उम्मीद छोड़ते हुए उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश ले लिया। संभाग के राजसमंद के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में 40 प्रतिशत, चित्तौड़गढ़ सरकारी कॉलेज में 40 प्रतिशत, बांसवाड़ा सरकारी कॉलेज में 55 प्रतिशत, डूंगरपुर सरकारी कॉलेज में 50 प्रतिशत और उदयपुर के अनुदानित विद्याभवन पॉलिटेक्निक कॉलेज में 40 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश नहीं हो सका है। धीमी प्रवेश प्रक्रिया से अब नए खुले निजी कॉलेजों को फायदा मिल जाएगा।
भर्ती के दिशा-निर्देश भी नहीं

सरकारी और अनुदानित पॉलिटेक्निक कॉलेजों में खाली सीटों पर प्रवेश के लिए यह दिशा निर्देश है कि पहले इंटरनल स्लाइडिंग की जाए यानी ब्रांच बदलने की प्रक्रिया पूरी की जाए और इसके बाद सीटें खाली रहे तो अजमेर इसकी सूचना भिजवाकर दुबारा खाली सीटों के लिए आवेदन मांगे जाएं(राजस्थान पत्रिका,उदयपुर,27.9.2010)।

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