झारखंड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले के लिए आठ जिलों में हो रही काउंसिलिंग में फर्जी छात्रों की धर-पकड़ जारी है। सूत्रों के अनुसार, अकेले चाईबासा में हो रही काउंसिलिंग ही में पच्चीस फर्जी छात्र पकड़े गए हैं। इस बारे में झारखंड प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद को जानकारी दे दी गई है। सूचना पाने के बाद पर्षद ने उपर्युक्त सभी छात्रों के नाम और क्रमांक के साथ फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट तलब है। उल्लेखनीय है कि पर्षद ने इस साल आयोजित आईटीआई प्रवेश परीक्षा में परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी कराई थी। यह काम पहली बार किया गया था। यह फोटोग्राफी ही अब काम आ रही है। जो भी अभ्यर्थी काउंसिलिंग के लिए आ रहे हैं, उनके चेहरे का फोटोग्राफ से मिलान किया जा रहा है। मिलान के क्रम में यह बात सामने आई कि परीक्षा उस शख्स ने नहीं दी जो उनके सामने खड़ा है, क्योंकि सामने बैठे शख्स का चेहरा फोटो से मेल नहीं खा रहा था। वैसे, फर्जीवाड़ा करने वालों ने अपनी ओर से पूरी चौकसी बरती थी और ऐसे फोटो चिपकाए थे जो वास्तविक आवेदनकर्ता और परीक्षा देने वाले, दोनों से मेल खा रहे थे। ऐसा करने में कम्प्यूटर की फोटोशाप का भी इस्तेमाल किया गया। पहली बार विकेंद्रित काउंसिलिंग होने से भी फर्जी छात्र आसानी से धरे जा रहे हैं। इसके पहले बोकारो, जमशेदपुर, साहेबगंज में भी फर्जी छात्र पकड़े जा चुके हैं। यह संख्या पचास से ऊपर जाने की संभावना है(दैनिक जागरण,रांची,23.9.2010)।
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