मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

23 सितंबर 2010

राजनीतिक गतिविधियों से जा सकती है सरकारी नौकरीःमद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि राजनीतिक पार्टी का सदस्य होना किसी कर्मचारी का मौलिक अधिकार नहीं है। इस आधार पर उस कर्मचारी का नियोक्ता उसे किसी राजनीतिक पार्टी का सदस्य होने से रोक सकता है। इससे कर्मचारी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा। नागरिक आपूर्ति विभाग के एक कर्मचारी की याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति एस. नागमुत्तु ने कहा, नियोक्ता द्वारा लगाई गई इस तरह की पाबंदी मौलिक अधिकारों पर विवेकपूर्ण रोक के दायरे में आती है। मालूम हो कि नागरिकों को संविधान के तहत प्राप्त मौलिक अधिकारों पर सरकार विवेकपूर्ण रोक लगा सकती है। न्यायमूर्ति ने कहा कि सक्रिय राजनीति में शामिल होने के कारण किसी व्यक्ति को सरकारी नौकरी में आने से रोका नहीं जा सकता है, लेकिन नौकरी में आने के बाद उस पर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई जा सकती है। ऐसा नहीं करना अनुशासन या सेवा से जुड़े कर्तव्यों के ठीक से निर्वहन के हित में नहीं होगा। अपने फैसले में न्यायमूर्ति नागमुत्तु ने कहा, अगर कोई कर्मचारी राजनीतिक पार्टी का सदस्य बनकर देश की सेवा करना चाहता है तो वह सरकारी नौकरी को छोड़कर ही ऐसा कर सकता है। अगर वह सरकारी कर्मचारी के रूप में देश की सेवा करना चाहता है तो उसे राजनीतिक गतिविधियों का मोह छोड़ना होगा(दैनिक जागरण,दिल्ली,23.9.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।