उत्तराखंड में बेसिक शिक्षकों के करीब दो हजार और हेडमास्टर के ६०० से ज्यादा नए पद सृजित किए जा रहे हैं। इससे युवाओं को रोजगार तो बढ़ेगा ही, प्राइमरी शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर भी बढ़ेंगे। ये पद शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के अंतर्गत बनाए जा रहे हैं।
आरटीई के हर किलोमीटर पर प्राथमिक, तीन किमी. पर जूनियर हाईस्कूल खोलने के प्रावधान के तहत राज्य में बड़ी संख्या में नए विद्यालय खोले जाने हैं। नए खुलने वाले विद्यालयों की संख्या ६०० से ज्यादा आंकी गई है। इससे विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों का स्ट्रक्चर भी बढ़ाया जा रहा है। प्रभारी निदेशक सौजन्या के मुताबिक करीब २०४७ सहायक अध्यापक और ६४८ प्रधान अध्यापक के नए पद बनाने का निर्णय लिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। राज्य की ओर से आरटीई में केंद्र को भेजे गए १४० करोड़ रुपये के प्रस्ताव में इन शिक्षकों और स्कूलों का विवरण और इन पर खर्च होने वाली राशि का भी आगणन है। इन पदों पर भर्ती खुलने से जहां राज्य के २०४७ युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही ६४८ शिक्षकों की पदोन्नति की भी राह बनेगी(अमर उजाला,देहरादून,29.9.2010)।
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