राजस्थान के यातायात एवं संस्कृत शिक्षामंत्री बृजकिशोर शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में संस्कृत शिक्षा प्रसार के लिए इस वर्ष तीन सौ प्राथमिक विद्यालय खोलने की स्वीकृति दी है। ये सभी विद्यालय अक्टूबर माह में खोल दिए जाएंगे।
वे मंगलवार को पं. बद्रीनारायण कलावटिया वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय खंडेला में संस्कृत विद्यालयों की राज्यस्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में दो हजार 916 तृतीय श्रेणी के शिक्षकों की नियुक्ति की है, जिनमें लगभग दो हजार शिक्षकों का पदस्थापन भी कर दिया गया है।
इसी क्रम में शीघ्र ही द्वितीय श्रेणी के अध्यापकों की भी भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अगले वर्ष से संस्कृत विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा भी शुरू की जाएगी। उन्होंने अगले सप्ताह संस्कृत शिक्षा के 70 मिडिल स्कूलों को सैकंडरी स्तर पर क्रमोन्नत करने तथा विभाग द्वारा संस्कृत शिक्षकों की डीपीसी का कार्य कर लेने की भी जानकारी दी।
संस्कृत शिक्षामंत्री ने कहा कि संस्कृत शिक्षा न तो केवल पूजा-पाठ की शिक्षा है और न ही यह किसी वर्ग विशेष के लिए है। वस्तुत: संस्कृत शिक्षा भारतीय संस्कृति की आत्मा है(दैनिक भास्कर,सीकर/खंडेला,8.9.2010)।
बहुत उपयोगी पोस्ट कृपया आगे भी जारी रखें...आभार
जवाब देंहटाएंबहुत ही उपयोगी बढ़िया जानकारी दी है ...
जवाब देंहटाएंसाक्षरता दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं ...