मध्यप्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को दीपावली के तोहफे के रूप में आठ फीसदी डीए देने जा रही है। डीए राहत पेंशनर्स को भी मिलेगी। प्रदेश के करीब छह लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और तीन लाख पेंशनर्स को महंगाई भत्ता देने से सरकारी खजाने पर सालाना 800 करोड़ रुपए का भार आएगा।
यह मुद्दा मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में विचार के लिए लाया जाएगा। मंत्रालय में सुबह 11 बजे आयोजित इस बैठक में मंत्रियों के स्वेच्छानुदान में वृद्धि समेत अनेक मुद्दे शामिल किए गए हैं। प्रदेश के कर्मचारियों को आठ फीसदी डीए देने के बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों से उनका डीए 10 प्रतिशत कम ही रहेगा।
केंद्र सरकार ने 16 सितंबर को अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 10 प्रतिशत बढ़ाया है। इसके बाद उनका डीए 45 फीसदी हो गया है। बैठक में मंत्रियों और राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ाकर क्रमश: 20 और 10 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है। लेकिन इसमें विधायक निधि भी शामिल रहेगी।
उधर,हरियाणा में,वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने सोमवार को,कर्मचारियों को वर्तमान में दी जा रही महंगाई भत्ते की दर 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने की घोषणा की। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई किस्त पहली जुलाई, 2010 से राज्य सरकार के कर्मचारियों को नकद दी जाएगी।
कैप्टन ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केन्द्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर दस प्रतिशत बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पहली जुलाई, 2010 से महंगाई भत्ता देने से सरकारी खजाने पर 48 करोड़ रुपए का मासिक भार पड़ेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि महंगाई भत्ता देने से राज्य सरकार के खजाने पर 576 करोड़ रुपए का वाषिर्क भार पड़ेगा, जबकि पहली जुलाई, 2010 से फरवरी 2011 तक अगले आठ महीनों के दौरान राज्य सरकार के खजाने पर 384 करोड़ रुपए का वित्तीय भार पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने मंहगाई भत्ते की किश्त केन्द्र सरकार की तर्ज पर पहली जुलाई से नकद देने का फैसला लिया है(दैनिक भास्कर,28.9.2010)।
अति सुन्दर और ज्ञानवर्धक जानकारी ........ आभार
जवाब देंहटाएंजाने काशी के बारे में और अपने विचार दे :-
काशी - हिन्दू तीर्थ या गहरी आस्था....