झारखंड में,रिक्त पड़े अधिकारियों-कर्मचारियों के लगभग 70 से 80 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चालू वित्तीय वर्ष में ही पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर विभागीय सचिवों से 15 दिनों के अंदर मंतव्य देने को कहा गया है। नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगते ही नियुक्ति नियमावली बनाने व अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएगी। नियुक्ति के लिए पांच स्तर की परीक्षा होगी। मुख्य सचिव डा. अशोक कुमार सिंह ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि उनका प्रयास होगा कि तीन हफ्ते के भीतर नियुक्ति निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो जाए। इस बाबत परीक्षा एजेंसी की आउटसोर्सिग होगी। कर्मचारियों से अधिकारियों तक की नियुक्ति के लिए केंद्रीयकृत प्रणाली अपनाई जाएगी। नियुक्ति का आधार पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट, 10+2, 10वीं और विशेष तकनीकी पदों के लिए विशेष स्तर की परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में कार्यरत कुछ अधिकारी-कर्मचारी बिहार कैडर से हैं, जिनकी सेवा झारखंड को लौटानी है। वर्तमान में सचिवालय सहायक संवर्ग के 95 कर्मचारियों को विरमित करने का पत्र बिहार से प्राप्त हुआ है। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए इन्हें विरमित करने की अवधि छह महीने बढ़ाने की मांग झारखंड सरकार बिहार सरकार से करेगी। 31 मार्च तक झारखंड में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद एक अप्रैल 2011 से उन कर्मचारियों को विरमित कर दिया जाएगा(दैनिक जागरण,रांची,28.9.2010)।
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