जीवाजी यूनिवर्सिटी ने मानकों के तहत नहीं चलने वाले बीएड कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सप्ताह भर पहले हाईपावर कमेटी के छापे में जिन चार बीएड कॉलेजों में भारी अनियमितताएं मिली थीं, उन्हें अगले सत्र से असंबद्ध कर दिया जाएगा। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सोमवार को कुलपति को सौंप दी।
उल्लेखनीय है कि हाईपावर कमेटी ने ग्वालियर के बीजो बीएड कॉलेज, वीणा वादिनी, अंश बीएड कॉलेज एवं मां कैला देवी बीएड कॉलेज में छापे मारकर इस बात की जांच की थी कि ये मानकों के तहत चल रहे हैं अथवा नहीं। जांच में पाया गया कि ये नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे हैं। किसी भी बीएड कॉलेज में विश्वविद्यालय परिनियम 28/17 के तहत शिक्षकों और प्राचार्यो की नियुक्ति भी नहीं पाई गई।
बीएड का एक भी विद्यार्थी कक्षा अटेंड करते नहीं मिला था। कमेटी ने कुलपति को रिपोर्ट सौंप दी है जिसमें स्पष्ट सिफारिश की गई है कि चारों बीएड कॉलेजों को नए सत्र में संबद्धता न दी जाए। रिपोर्ट की एक कॉपी उच्च शिक्षा विभाग एवं एनसीटीई को भी भेजी गई है।
पांच तक जमा होंगे आवेदन
जीवाजी यूनिवर्सिटी ने एमपी ऑनलाइन द्वारा बीएड सत्र 2009-10 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि पांच अक्टूबर घोषित की है।
महाविद्यालयों द्वारा विश्वविद्यालय में नियमित शुल्क के साथ आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि सात अक्टूबर तय की गई है। विद्यार्थी, महाविद्यालय में 500 रुपए विलंब शुल्क के साथ आवेदन पत्र नौ अक्टूबर तक जमा कर सकते हैं।
बीएड-एमएड की फीस तय नहीं
प्रदेश की फीस निर्धारण कमेटी अब तक सत्र 2010-11 की बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) एवं मास्टर ऑफ एजुकेशन (एमएड) की शिक्षण फीस तय नहीं कर सकी है। यदि कमेटी का यही ढुलमुल रवैया रहा तो इन पाठच्यक्रमों का वर्तमान सत्र लेट होता चला जाएगा।
ज्ञात हो कि प्रदेश के 275 बीएड कॉलेजों ने फीस निर्धारण के लिए कमेटी में निर्धारित समय के अंदर प्रस्ताव जमा कर दिए थे। वहीं, 118 ऐसे बीएड कॉलेज थे, जिन्होंने कमेटी के पास फीस निर्धारित करने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजे।
कमेटी ने हाल ही में हुई बैठक में ऐसे कॉलेजों को सत्र 2009-10 के विद्यार्थियों से बीएड की फीस २क् हजार रुपए लेने के निर्देश दिए हैं, जबकि 275 बीएड कॉलेजों के लिए 25 हजार रुपए प्रति विद्यार्थी फीस निर्धारित की गई है। इसी बैठक में सत्र 2010-11 की बीएड कॉलेजों की फीस निर्धारित की जानी थी, लेकिन इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका।
ज्ञात हो कि फीस कमेटी ने बीएड और एमएड की वर्तमान सत्र की फीस यूनिफार्म क्रम में जारी करने के लिए कहा था। जानकारी के मुताबिक कमेटी को शासन स्तर पर फीस निर्धारित करने के लिए कोई आदेश उपलब्ध नहीं कराए गए। इस कारण मामला खटाई में पड़ता नजर आ रहा है(दैनिक भास्कर,ग्वालियर,28.9.2010)।
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