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06 सितंबर 2010

खुद पर विश्वास

दूसरे लोग भले ही आपको अयोग्य समझते हों, लेकिन आप ऐसा मत सोचिए। किसी भी संदेह को मन में स्थान मत दीजिए और विश्वास रखिए कि आपमें पूरी योग्यता है।

अपने विश्वास की इस धारणा को निरंतर बढ़ाते रहिए, दृढ़ करते रहिए और निरंतर हर समय अपने मन ही मन दोहराते रहिए- ‘मैं प्रत्येक कार्य कर सकता हूं, मेरे लिए कुछ भी करना संभव तथा आसान है, असंभव शब्द में संभव छिपा हुआ है, मैं योग्य, शक्तिमान और सामर्थ्यवान हूं।’

इन शब्दों को दोहराते-दोहराते अगर आप सच्ची निष्ठा के साथ सूझबूझ से प्रयत्न करेंगे तो एक दिन आप अपने अंदर छुपी सभी शक्तियों को पहचान लेंगे व अपनी अंतरात्मा तक पहुंच जाएंगे और अपनी अदृश्य तथा सोई हुई शक्तियों को जगाकर आश्चर्यजनक शक्तियों के स्वामी बन जाएंगे।

अगर आपको अपनी योग्यता पर विश्वास है तो दूसरों की राय भी आपके संबंध में अच्छी रहेगी। उनके मन में भी आपके प्रति विश्वास की धारणा पैदा होगी। याद रखिए आत्मिक तथा मानसिक शक्ति से अधिक प्रभावशाली और कोई बात नहीं।

याद रहे दोस्तो, जो महान कार्य आप कर सकते हैं, उस कार्य को दुनिया का और कोई दूसरा व्यक्ति नहीं कर सकता। आपका जन्म सिर्फ छोटे-मोटे काम करने के लिए नहीं बल्कि कुछ विशेष महत्वपूर्ण कार्यो के लिए भी हुआ है।

इसलिए विश्वास न हारें, हौंसला न खोएं, आगे बढ़ें और उस कार्य का पता करें जिसे सम्पन्न करके आप कीर्ति अजिर्त करेंगे। सबसे बड़ी बात, आपको यह भी मानना होगा कि आपको जहां पहुंचना है, वहां कोई दूसरा नहीं पहुंच सकता। इसलिए आपको अपने हृदय में हमेशा यह आशा और विश्वास बनाए रखना है कि आप एक न एक दिन अवश्य ही उस महत्वपूर्ण को पूरा कर दिखाएंगे।

प्रत्येक व्यक्ति को मन में यह विश्वास रखना चाहिए कि उसका जन्म किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए हुआ है। ऐसा महत्वपूर्ण एवं महान कार्य करने के लिए जिसे दुनिया का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं कर सकता। इसलिए उसे इसके लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए(हिंदुस्तान,दिल्ली,29.8.2010)।

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