प्रदेश सरकार के संशोधित वेतनमान के तहत मिलने वाले एरियर के लिए एचपी यूनिवर्सिटी के शिक्षक और गैर—शिक्षक कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। प्रदेश के दूसरे विभागों और संस्थानों में जहां तीन—चार माह पहले ही इसका भुगतान किया जा चुका है वहीं, यूनिवर्सिटी के तीन सौ शिक्षक और 1200 गैर—शिक्षक कर्मचारियों को एरियर का भुगतान नहीं हो सका है।
अकाउंट ब्रांच में कर्मचारी नहीं
इसके तहत हर कर्मचारी को दस—दस हजार की किस्त का भुगतान किया जाना है, लेकिन अकाउंट ब्रांच में कर्मचारियों की कमी के चलते फिलहाल इसमें देरी हो रही है। इससे यूनिवर्सिटी के करीब 1500 शिक्षक और गैर—शिक्षक कर्मचारियों का करीब 15 लाख का एरियर रुका पड़ा है और स्टाफ को देखते हुए इसे जारी होने में अभी कुछ दिन और लग जाएंगे। बुधवार को कुछ कर्मचारी इस बारे में रजिस्ट्रार प्रो. शशिकांत लोमेश से भी मिले और उन्हें इस समस्या के बारे में अवगत करवाया।
कर्मचारियों का कहना था कि स्टाफ का प्रबंध कर जल्द ही एरियर जारी करने के निर्देश दिए जाएं ताकि कर्मचारियों को समय पर एरिअर मिल सके। साथ ही इसके लिए दूसरे कर्मचारियों की सहायता लेने की भी मांग की।
ईसी सदस्य बैंस ने प्रशासन से उठाया मुद्दा
ईसी सदस्य चौधरी बरयाम सिंह बैंस का कहना है कि प्रशासन से एरियर को लेकर बात की गई है ताकि कर्मचारियों को समय पर एरिअर का भुगतान हो सके। रजिस्ट्रार ने भी तत्परता दिखाते तुरंत ही विभाग के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की और एरियर जल्द लागू करने की बात कही(दैनिक भास्कर,शिमला,17.9.2010)।
अकाउंट ब्रांच में कर्मचारी नहीं
इसके तहत हर कर्मचारी को दस—दस हजार की किस्त का भुगतान किया जाना है, लेकिन अकाउंट ब्रांच में कर्मचारियों की कमी के चलते फिलहाल इसमें देरी हो रही है। इससे यूनिवर्सिटी के करीब 1500 शिक्षक और गैर—शिक्षक कर्मचारियों का करीब 15 लाख का एरियर रुका पड़ा है और स्टाफ को देखते हुए इसे जारी होने में अभी कुछ दिन और लग जाएंगे। बुधवार को कुछ कर्मचारी इस बारे में रजिस्ट्रार प्रो. शशिकांत लोमेश से भी मिले और उन्हें इस समस्या के बारे में अवगत करवाया।
कर्मचारियों का कहना था कि स्टाफ का प्रबंध कर जल्द ही एरियर जारी करने के निर्देश दिए जाएं ताकि कर्मचारियों को समय पर एरिअर मिल सके। साथ ही इसके लिए दूसरे कर्मचारियों की सहायता लेने की भी मांग की।
ईसी सदस्य बैंस ने प्रशासन से उठाया मुद्दा
ईसी सदस्य चौधरी बरयाम सिंह बैंस का कहना है कि प्रशासन से एरियर को लेकर बात की गई है ताकि कर्मचारियों को समय पर एरिअर का भुगतान हो सके। रजिस्ट्रार ने भी तत्परता दिखाते तुरंत ही विभाग के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की और एरियर जल्द लागू करने की बात कही(दैनिक भास्कर,शिमला,17.9.2010)।
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