द्वितीय चरण में नियोजित शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। पटना प्रमंडल के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में दूसरे चरण के तहत नियोजित शिक्षकों का वेतन संकट शीघ्र दूर होने वाला है। क्षेत्रीय उपशिक्षा निदेशक कार्यालय के अनुसार, शिक्षकों को वेतन भुगतान इसलिए शुरू नहीं हो पाया है क्योंकि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं हो सका है। जबकि शिक्षकों को विद्यालयों में पढ़ाते हुए आठ-नौ माह हो चुके हैं। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के जिन नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों यानी डिग्रियों का सत्यापन हो चुका है, उनके वेतन भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। उन्हें दशहरा-दीपावली के पहले तनख्वाह दे दी जाएगी। ऐसे नियोजित शिक्षक जिनके प्रमाण पत्र दूसरे प्रदेशों के हैं और सत्यापन नहीं हो पाया है, की सूची भी मानव संसाधन विकास विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय को अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि वेतन भुगतान संबंधी कार्रवाई की जा सके। वैसे शिक्षकों की मानें तो क्षेत्रीय उपशिक्षा निदेशक कार्यालय स्तर से भी नियोजित शिक्षकों के मामले में लापरवाही बरती गयी है। यदि दूसरे चरण में नियोजित शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में तेजी दिखाई जाती तो वेतन भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता(दैनिक जागरण,पटना,17.9.2010)।
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