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28 सितंबर 2010

छत्तीसगढ़ःगरीब बच्चों से फीस वसूली पर दस गुना जुर्माना

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 6 से 14 साल के बच्चों को उचित शिक्षा दिलाने के लिए प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों ने कमर कस ली है। इसके लिए निजी स्कूलों पर नियंत्रण कसा जाएगा। वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों का दावा है निजी स्कूल ऐसे बच्चों का किसी भी तरह का टेस्ट न लें इसका भी ख्याल रखा जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी इस तरह के लाख दावे करें लेकिन इस सत्र से यह सब मुमकिन हो पाएगा ऐसी स्थिति जरा भी नहीं बन रही है। शिक्षाविदों का कहना है कि कानून लागू करने के लिए सत्र शुरू होने से पहले ही तैयारी शुरू कर देनी थी। सत्र इतना बीत जाने के बाद ऐसी कवायद जरा भी काम नहीं आएगी।

चर्चा से भरोसे में लें संचालकों को :
दैनिक भास्कर से खास चर्चा में निजी शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू करने की शुरुआत चर्चा से होनी चाहिए। संचालकों को भरोसे में लेकर उन्हें व्यापक कार्ययोजना में शामिल करना चाहिए।

केवल निजी स्कूल ही नहीं बल्कि सीबीएसई स्कूलों को भी शामिल करना चाहिए। हालांकि राजधानी के अधिकांश निजी स्कूल शिक्षा के अधिकार के तहत छात्रों को प्रवेश देने पर राजी हैं।


बख्शा नहीं जाएगा :
रायपुर समेत आसपास के जिलों के शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि निजी स्कूलों के संचालक ऐसे छात्रों से भी फीस वसूलते हैं तो उन पर कार्रवाई करने के साथ जुर्माना लगाने में भी देर नहीं की जाएगी। कुछ अधिकारियों का सुझाव है कि सभी जिलों में जिम्मेदार लोगों की एक टीम बनाकर समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करवाया जाए। कैपिटेशन फीस वसूलने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा।

दस गुना जुर्माना शिक्षा का अधिकार कानून के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल किसी भी गरीब छात्र से कैपिटेशन फीस वसूलता है और जांच के दौरान यह साबित हो जाता है तो उस स्कूल पर फीस का दस गुना जुर्माना किया जाएगा। इसके अलावा स्क्रीनिंग टेस्ट लेने पर पहली बार 25 हजार व दूसरी बार में 50 हजार रुपए का जुर्माना किया जाएगा।

"स्कूलों में शिक्षा का अधिकार कानून लागू कराने के लिए मजबूती से कदम उठाए जाएंगे। निजी स्कूलों से चर्चा कर उन्हें कानून लागू करने के लिए कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। गरीब बच्चों से किसी भी तरह की फीस ली गई तो स्कूलों पर जुर्माना भी किया जाएगा।"आर बांबरा, जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर(दैनिक भास्कर,भोपाल,28.9.2010)

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