पायलट समेत आधा दर्जन से ज्यादा प्रोफेशनल कोर्स की ट्रेनिंग के नाम पर प्रदेश के सैकड़ों बेरोजगारों के साथ फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। सरकारी खर्च पर पायलट की ट्रेनिंग देने का दावा कर रही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स नाम की संस्था कटोरातालाब स्थित दफ्तर से 500-500 रुपए में प्रवेश फार्म बेच रही है।
भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि संस्था को न तो राज्य शासन से मान्यता है, न ही डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने उसे मंजूरी दी है।
अखबारों में इश्तहार :
संस्था ने कुछ दिन पहले पायलट, को-पायलट, एयर आरटी कस्टम आफिसर, एयर होस्टेस, एयर टिकटिंग, एयरपोर्ट मैनेजमेंट, एयरपोर्ट असिस्टेंट मैनेजमेंट और फैशन डिजाइनर जैसे पदों पर ट्रेनिंग देने के बाबत अखबारों में विज्ञापन दिया।
एयर इंडिया में नौकरी का झांसा :
झांसे में राजधानी के अलावा खरोरा, बस्तर और अन्य स्थानों से युवक-युवतियां संस्था के रायपुर स्थित कटोरातालाब में पहुंच रहे हैं। वहां पर एयर इंडिया में नियुक्ति का लालच देकर युवाओं को पायलट की ट्रेनिंग के फार्म बेचे जा रहे हैं।
युवकों को चकरभाठा बिलासपुर के अलावा दुर्ग के नंदिनी एयरपोर्ट और बाद में माना हवाईअड्डे में दो से चार सीटर विमान में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने का ख्वाब दिखाया जाता है। खुद को संस्था का एमडी बताने वाले मजहर हुसैन का दावा है कि संस्था तीन साल से कोर्स संचालित कर रही है। दो बैच निकल चुका हैं।
कथित एयरोनाटिक्स संस्था के एमडी पहले तो मजहर हुसैन खुद को डीजीसीए का पंजीकृत पायलट बताने के साथ संस्था के पंजीकृत होने का दावा करते हैं, लेकिन वे इसका कोई प्रमाण पेश नहीं करते। जांजगीर के ओमप्रकाश पटेल, जगदलपुर से खगेश्वर यादव, रायपुर के मयंक त्रिपाठी जैसे सैकड़ों छात्र ने बेरोजगारी दूर करने यहां पहुचे, लेकिन संस्था के संचालकों का रवैया देखकर उन्हें शक हुआ।
शासन की ओर दी जा रही पायलट ट्रेनिंग योजना के लिए ट्रेनिंयों का चयन हमारी समिति करती है। इसके लिए भिलाई या रायपुर की किसी भी संस्था को अधिकृत नहीं किया गया है।
- डीडी कुंजाम, प्रभारी पायलट योजना.
डीजीसीए ने देश में करीब चार दर्जन फ्लाइंग क्लबों को पायलट व अन्य ट्रेनिंग देने के लिए अधिकृत किया है। इनकी सूची हमारी वेबसाइट पर देखी जा सकती है। जिन संस्थाओं के नाम सूची में नहीं हैं वे डीजीसीए से अधिकृत नहीं हैं। हम प्रवेश के लिए एजेंट या फ्रेंचाइसी भी नियुक्त नहीं करते।
- अरविंद सरदाना, डीजी, डीजीसीए दिल्ली बिलासपुर में फ्लाइंग क्लब को ही हमने पायलट ट्रेनिंग के लिए अधिकृत किया है। बाकी की जानकारी नहीं है। - आरएस विश्वकर्मा, पूर्व सचिव विमानन ट्रेनिंग देने या आवेदन मंगवाने के मामले में हमारा देश की अन्य किसी भी संस्था से कोई टाइ-अप नहीं है।
- कैप्टन अनिल मंगल, संचालक साईं फ्लाइटिंग एविएशन बिलासपुर
पायलट की ट्रेनिंग देने के लिए हमारा किसी संस्था से टाइअप नहीं
- सिद्धार्थ शुक्ला, कैप्टन नंदिनी एयरपोर्ट। कोई फर्जीवाड़ा नहीं — हुसैन
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स के एमडी मजहर हुसैन ने कहा कि चार साल से भिलाई में कॉलेज संचालित कर रहा हूं। इस मामले में कुछ भी गलत नहीं है। सिविल एविएशन अथॉरिटी से पंजीकृत हूं। नंदिनी, चकरभाठा, रायपुर में एयरपोर्ट में लोगों को ट्रेनिंग दिलाने एडमिशन दिलवाता और कमीशन लेता हूं। किसी को दस्तावेज देखने हैं तो भिलाई आफिस में जाकर देखे।
ञ्चमेरी जानकारी में ऐसी किसी संस्था को पायलट ट्रेनिंग के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। भिलाई की एक संस्था को नंदिनी एयरपोर्ट में अनुमति दी गई है। रायपुर हवाई अड्डे पर किसी भी संस्था को पायलट ट्रेनिंग की अनुमति नहीं है। बिलासपुर में राज्य शासन ने फ्लाइंग क्लब को अनुमति दे रखी है।
अनिल रॉय, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, माना एयरपोर्ट
शक की कई वजह > शासन की योजना से अनाधिकृत संस्था ट्रेनियों को लाखों रुपए कैसे वापस दिलाएगी?
> कितनों को राशि दिलाई इसका प्रमाण नहीं।
> पायलट, को-पायलट के लिए गणित, रसायन, साइंस विषय जरूरी
पर विज्ञापन में केवल 12 वीं पास से आवेदन मंगवाए
विषयों का जिक्र नहीं, सरकार की पायलट योजना केवल एसटी-एससी व ओबीसी के लिए, लेकिन संस्था ने सामान्य वर्ग से भी आवेदन मंगवाए, आवेदन पत्र में ट्रेनी पदों के लिए फार्म भरवाया जा रहा अब आवेदकों से कहा जा रहा कि 24 सितंबर को भिलाई में लिखित परीश्रा होगी(जॉन राजेश पॉल,भास्कर डॉट कॉम,रायपुर,22.9.2010)।
जिसको जहाँ मौका लग रहा है, लूट रहा है.
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