राजस्थान के शैक्षिक संस्थानों में रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए नयी अवधारणा ‘मैगिंग’ की शुरूआत की जा रही है।
इसके तहत शिक्षण संस्थानों में वरिष्ठ एवं नव आगंतुक विद्यार्थियों के मध्य संवाद एवं उनमें निहित उर्जा का सकारात्मक उपयोग किए जाने पर जोर दिया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय कल गुरूवार को ‘रीजनल कालेज फार एजुकेशन रिसर्च एंड टेक्नोलोजी’ सितापुरा इण्डस्ट्रीयल एरिया में विधिवत इसकी शुरूआत करेंगे।
शैक्षिक संस्थानों में ‘रैगिंग के विरूद्ध मैगिंग’ अभियान के प्रवर्तक ख्यात शिक्षाविद प्रो. बी. एस. प्रधान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ‘मैगिंग’ मात्र एक अभियान नहीं बल्कि विद्यार्थियों में परस्पर संवाद और उनमें निहित उर्जा और प्रतिभा के सर्वागीण विकास की दिशा में सकारात्मक पहल है(पीटीआई,22.9.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।