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06 सितंबर 2010

वकीलों का शुल्क बढ़ाने पर विचार

कोर्ट की मदद के लिए नियुक्त अधिवक्ता (एमाइकस क्यूरी ) शुल्क कम होने पर अदालत ने चिंता जाहिर की है। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने दिल्ली सरकार से कोर्ट की मदद के लिए नियुक्त अधिवक्ताओं की शुल्क संरचना की समीक्षा करने का निर्देश देते हुए शुल्क बढ़ाने पर विचार करने को कहा है । एमाइकस क्यूरी की नियुक्ति कोर्ट ऐसे मामले में करती है जिसमें खुद कोर्ट को कानूनी पहलुओं पर राय की जरूरत होती है या फिर आर्थिक संकट के कारण वकील नहीं करने वाले व्यक्ति के मामले में की जाती है। एडिशनल सेशन जज डॉ. कामनी लॉ ने वर्ष 2002 से ही अदालत की मदद के लिए नियुक्त किये जाने वाले वकीलों के शुल्क की समीक्षा नहीं किये जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है । कोर्ट एमाइकस क्यूरी की नियुक्ति सरकार के खर्च पर करती है। अदालत ने सरकार को शुल्क के ढांचे की समीक्षा कर इसमें बढ़ोतरी करने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे वकीलों को पुरस्कार देने की जरूरत है, जो एमाइकस क्यूरी के रूप में काम करते हैं । डॉ. लॉ ने कहा कि एक वकील के तौर पर प्रतिनिधित्व सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आरोपी का पक्ष सुने बगैर फै सला न हो(हिंदुस्तान,दिल्ली,6.9.2010)।

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