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29 सितंबर 2010

हिन्दू कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों से दाखिला लेने वाले छात्र को पकड़ा

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज में ईसीए दाखिले में गड़बड़ी के बाद मंगलवार को फर्जी माइग्रेशन का एक नया मामला उजागर हुआ है। कॉलेज प्रशासन ने श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के बी.कॉम ऑनर्स के छात्र मानिक सेठी को फर्जी दस्तावेजों से दाखिला लेने पर पकड़ा है।

हिन्दू कॉलेज प्रशासन को इस मामले की जानकारी तब लगी जब छात्र मंगलवार सुबह आईकॉर्ड के साथ क्लास रूम में जा पहुंचा और अपनी हाजिरी लगाने की मांग करने लगा। मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि सारी प्रक्रिया ही फर्जी तरीके से अंजाम दी गई है।

हिन्दू कॉलेज में कॉमर्स विभाग प्रमुख डॉ. संगीता अरोड़ा ने बताया कि सुबह उनके पास विभाग की शिक्षक मानिक सेठी नामक एक छात्र को लेकर पहुंची। छात्र का दावा था कि उसे कॉलेज ने माइग्रेशन दिया है, जबकि विभाग सालों से इस व्यवस्था के तहत किसी छात्र-छात्रा को दाखिला नहीं देता है।

डॉ. अरोड़ा ने बताया कि द्वितीय वर्ष की कक्षा में पहुंचे इस छात्र के आईकॉर्ड को देखने के बाद जब कॉलेज कार्यालय में जमा दस्तावेजों की पड़ताल हुई तो पता चला कि मेरे ही हस्ताक्षर फर्जी हैं। तुरंत ही मामला प्रिंसिपल डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव के समक्ष ले जाया गया।

इस प्रकरण में जब खालसा कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. जसविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके कॉलेज की ओर से पेश किया गया अनापत्ति पत्र फर्जी था। हिन्दू कॉलेज को इसकी जानकारी दे दी गई है। इस फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद कॉलेज में यह चर्चा है कि कॉलेज से जुड़े किसी व्यक्ति की मदद से ही यह काम अंजाम दिया गया होगा।

हिन्दू कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले को मौरिस नगर थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में जब छात्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि उससे नरेश नामक एक व्यक्ति ने माइग्रेशन के एवज में रुपए एठे है और उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि दस्तावेज फर्जी थे। हिन्दू कॉलेज प्रशासन व छात्र के बयान के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है(दैनिक भास्कर,दिल्ली,29.9.2010)।

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