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08 सितंबर 2010

आप भी देखिए,उत्तराखंड में बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा है

साक्षरता दिवस पर यह देखना रुचिकर होगा कि सर्व शिक्षा अभियान को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। चम्बा ब्लाक के कई गांवों में जो शिक्षण सामाग्री बांटी जा रही है, उससे पढ़कर चारों ओर ठहाके गूंज रहे हैं। शायद आपको भी शिक्षा महकमे के इस करिश्मे पर हंसी आए। नवसाक्षरों को पहाड़े के जो फोल्डर बांटे गए हैं, उसमें नई गणित का इस्तेमाल किया गया है। मसलन फोल्डर में 17 के पहाड़े में सत्रह छके 112 और उन्नीस पंजे 65 अंकित है, जबकि होना यह क्रमश: 102 और 95 चाहिए। ऐसे उल्टे पहाड़े पढ़ नवसाक्षरों का ज्ञान कितना बढ़ रहा है, बताने की जरूरत नहीं है। उधर अधिकारी त्रुटियां मानने से स्पष्ट इनकार कर रहे हैं। वे सफाई दे रहे हैं कि ये पिछले साल के फोल्डर होंगे। इस साल सब ठीक है। आठ सितम्बर को साक्षरता दिवस पर अफसर गर्व से अपनी सफलता पर पीठ थपथपाएंगे। आंकड़ों की बाजीगरी आपको हैरत में डाल देंगे। जबकि वस्तुस्थिति जानने के बाद आंकड़ों के पहाड़ भरभरा कर गिरते प्रतीत होने लगते हैं। साक्षरता अभियान के नाम पर ठिकाने लग रहे बजट के हकीकत एकदम खोखली दिखायी दे रही है। चम्बा ब्लाक के गांव में बांटी गई शिक्षण सामाग्री असलियत को आइना दिखा रही है। शिक्षा विभाग ने नव साक्षरों में जो शिक्षण सामग्री बांटी है उसमें गंभीर त्रुटियां हैं । एक ऐसा फोल्डर पढ़ने के लिए बांटा गया है, जिसमें 11 से 20 तक के पहाड़े लिखे गये हैं। 17 के पहाड़े में 17 इनटू 6, 102 की जगह 112 और 19 इनटू 5, 95 के बजाय 65 दर्शाया गया है। ऐसे में जिसको जानकारी है वह तो गलत मानेगा, लेकिन नवसाक्षर तो इसे सही मान सकते हैं। आखिरकार इस गलती और लापरवाही की ओर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया। छपने से पहले प्रूफ देखा जाता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हजारों ही नहीं लाखों की संख्या में इस तरह के फोल्डर छपे होंगे और बंटें भी। जब शिक्षा महकमा ही इस तरह की गलती क रे तो औरों से क्या उम्मीदें रखें। इधर इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र पंडित ने बताया कि वर्तमान में जो शिक्षा सामग्री बांटी जा रही है उसमें कोई त्रुटि नहीं है पिछले साल जो सामग्री बांटी गई होगी उसमें संभवतया कोई त्रुटि रही होगी(रघुभाई जड़धारी,दैनिक जागरण,चम्बा,8.9.2010)।

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