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29 सितंबर 2010

माखनलाल पत्रकारिता विवि:एचओडी सिंह की बहाली के निर्देश

माखनलाल पत्रकारिता विवि में प्राध्यापक पीपी सिंह के खिलाफ कार्यस्थल प्रताड़ना के मामले में राज्य महिला आयोग ने विवि को ही आड़े हाथों लिया। आयोग की तीन सदस्यीय बैंच ने विवि के प्राध्यापक पीपी सिंह को विभागाध्यक्ष पद से हटाने के निर्णय पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए उनकी बहाली के निर्देश दिए। वहीं कार्यस्थल प्रताड़ना की शिकायत करने वाली व्याख्याता ज्योति वर्मा की नियुक्ति को गलत ठहराया।

कुलसचिव सुधीर त्रिवेदी और कुलपति के स्थान पर आयोग पहुंचे उनके निज सचिव पंकज मिश्रा ने आयोग को श्री सिंह को बहाल करने की लिखित सहमति दी है। हालांकि कुलसचिव ने भास्कर को बताया कि विधिक सलाह लेकर कुलपति के निर्देश पर ही वह अगला कदम उठाएंगे।

पत्रकारिता के स्नातकोत्तर के छात्र मंगलवार को भी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। छात्रों का कहना है कि पीपी सिंह की विभागाध्यक्ष पद पर बहाली और विवि द्वारा छात्रों के खिलाफ पुलिस में दर्ज कराए गए मामले वापस लेने के बाद ही वह अनशन खत्म करेंगे।

आयोग ने पाया : आयोग की अध्यक्ष कृष्णकांता तोमर, सदस्य डा. कमला वाडिया और उपमा राय की तीन सदस्यीय बेंच ने मामले की सुनवाई की। ज्योति वर्मा ने 27 अगस्त को कुलपति को कुलसचिव के खिलाफ वेतन वृद्धि रोकने, वर्क रिपोर्ट न बनाने के संबंध में शिकायत की थी ,लेकिन कुलपति ने जांच नहीं की। ज्योति वर्मा ने 13 सितंबर को आयोग में कुलपति, कुलसचिव व विभाग अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत की।

कुलसचिव मामले से संबंधित दस्तावेज आयोग के सामने पेश नहीं कर पाए। सुनवाई के दौरान पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष श्री सिंह ने बताया कि वेतन वृद्धि संबंधी निर्णय लेने का अधिकार केवल कुलपति को है। उन्होंने खुद को बेकसूर बताया।

उन्होंने मामले से संबंधित सभी दस्तावेज समय पर कुलपति के सामने पेश कर दिए थे। इसका प्रमाण आयोग को देते हुए उन्होंने खुद को बेकसूर बताया।

आयोग की आपत्ति : आयोग ने इस बात पर आपत्ति दर्ज कराई कि 13 सितंबर की शिकायत पर विवि ने विभागाध्यक्ष को 23 सितंबर को क्यों हटाया ? वहीं ज्योति वर्मा यूपी के अनुसूचित जाति में शामिल है। उन्हें मध्यप्रदेश में आरक्षण का लाभ देकर नियुक्ति क्यों दी गई? राज्य महिला आयोग ने आवेदिका ज्योति वर्मा को बिना सूचना के आयोग में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।

मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को रखी गई है(दैनिक भास्कर,भोपाल,29.9.2010)।

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