राजस्थान हाई कोर्ट ने एडीजे भर्ती परीक्षा 2010 को रद्द करते हुए इसे दोबारा आयोजित कराने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जगदीश भल्ला की अध्यक्षता में हुई न्यायाधीशों की पूर्णपीठ में लिया गया। पूर्णपीठ को इस संबंध में हाई कोर्ट की ओर से गठित तीन न्यायाधीशों की जांच समिति ने सिफारिश की थी। जोधपुर में वकीलों ने परीक्षा रद्द होने के साथ ही हड़ताल वापस ले ली लेकिन जयपुर में वकीलों ने हाई कोर्ट के प्रस्ताव को संघर्ष समिति की बैठक में रखने के बाद ही आंदोलन वापस लेने की बात कही है। हाई कोर्ट प्रशासन के अनुसार तीन न्यायाधीशों जी.के.व्यास, एम.एन.भंडारी व अजय रस्तोगी की जांच कमेटी को जोधपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व ऑल राजस्थान एडवोकेट संघर्ष समिति सदस्य एम.सी.भूत व अनंत पुरोहित की ओर से प्रस्ताव दिया गया था।
न्यायाधीशों की जांच कमेटी ने संघर्ष समिति के प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट की पूर्णपीठ से परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की सिफारिश की। जांच कमेटी की सिफारिश पर परीक्षा को रद्द कर दुबारा से कराने का निर्णय लिया। ऑल राजस्थान एडवोकेट संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें परीक्षा रद्द करने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा आदेश जारी हुआ है तो बुधवार को साधारण सभा में निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन संघर्ष समिति के संयोजक डॉ. महेश शर्मा ने भी साधारण बैठक में हड़ताल वापस लेने के संबंध में निर्णय लेने की बात कही।
वकीलों ने इसलिए की थी हड़ताल
वकीलों का आरोप था कि एडीजे भर्ती में भ्रष्टाचार हुआ। कुल 36 पद भरे जाने थे, जिनके लिए केवल 37 लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। नियमानुसार पद संख्या के तीन गुना अभ्यर्थी बुलाए जाने थे। मांग यह भी थी कि परीक्षा के नियमों में न्यूनतम अंक, पुनमरूल्यांकन व राजस्थानी भाषा कौशल के प्रावधानों को शामिल किया जाए(दैनिक भास्कर,जयपुर,22.9.2010)।
is shubh smachar saru dhanywad....
जवाब देंहटाएंLakhdad
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