मगध विवि के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रोन्नति के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने की वजह से प्रोन्नति की प्रक्रिया को रोक दी गयी है। बिहार राज्य विवि शिक्षक महासंघ (फुटाब) ने चुनाव आचार संहिता के बहाने प्रोन्नति की प्रक्रिया को स्थगित करने को गलत करार दिया है। विवि में शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले कई सालों से प्रोन्नति दी गयी है। नियुक्ति से सेवानिवृत्ति तक एक ही पद पर रहने वाले कर्मचारियों की लंबी सूची है। प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलने की वजह से शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रत्येक माह हजारों रूपये की आर्थिक क्षति हो रही है। प्रोन्नति को लेकर शिक्षक और कर्मचारी कई बार सड़क पर उतरे, मगर आश्र्वासन के सिवा उन्हें कुछ न मिला। विश्र्वविद्यालय के कुलपति की कुर्सी पर आसीन होते ही डा. अरविन्द कुमार ने लंबित प्रोन्नति के मामले को प्राथमिकता देने की घोषणा की। रामकृष्ण द्वारिका महाविद्यालय 26 अगस्त को आयोजित समारोह में उन्होंने सितम्बर को प्रोन्नति माह करने की घोषणा की। डा. कुमार ने कहा कि सितम्बर में शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रोन्नति दी जायेगी। इससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गयी। इस दिशा में कार्य भी शुरू हुए कि अचानक विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गयी। फलस्वरूप, प्रोन्नति प्रक्रिया को रोक दी गयी, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। फुटाक के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. के. बी. सिन्हा, महासचिव प्रो. संजय कुमार सिंह एवं डा. अरुण कुमार ने कहा कि सभी विवि में रूटीन कार्य के तौर पर प्रोन्नति की प्रक्रिया चल रही है मगर मगध विवि में चुनाव आचार संहिता के बहाने प्रोन्नति को रोक दी गयी(दैनिक जागरण,पटना,23.9.2010)।
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