एम्स व पीजीआई चंडीगढ़ के फैकल्टी अपने अधिकार व मांगों के लिए मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए ज्वाइंट एक् शन कमेटी का गठन भी किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के हाल के आदेश को लेकर दोनों संस्थानों के फैकल्टी काफी आक्रोश में हैं। फैकल्टी ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो संस्थान के किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे।
दोनों संस्थान के फैकल्टी ने एक बैठक कर ज्वाइंट एक् शन कमेटी का अध्यक्ष पीजीआई चंडीगढ़ के प्रो.ए.राजवंशी को बनाया है। जबकि एम्स फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो.मनोज सिंह को कनवेनर सचिव बनाया है। प्रो.बी.के.खेतान, प्रो.नवीत विज, प्रो.एस.एस.काले, डॉ.वी.सिंह, डॉ.ए.के.सक्सेना और डॉ.आर.अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।
प्रो.मनोज सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने छठे वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करने के लिए जो आदेश जारी किया है वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। पदोन्नति के मामले में मंत्रालय ने एक जनवरी 2006 के बदले 12 जनवरी 2010 से आदेश दिया है। यह आदेश सिफारिश के खिलाफ है। मंत्रालय के इस आदेश से दोनों संस्थानों के फैकल्टी के बीच आक्रोश है। सरकार के इसी लचर व्यवस्था के कारण पिछले कुछ समय में काफी फैकल्टी संस्थान छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि केंद्र व राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के तहत निर्णय लें। एम्स में पिछले दस सालों से फैकल्टी को पदोन्नति नहीं दी गई है जबकि पीजीआई चंडीगढ़ में चार साल से(अमर उजाला,दिल्ली,23.9.2010)।
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