जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अलगाववादियों का सहयोग करने और पत्थरबाजी में शामिल होने वाले विभिन्न सरकारी कर्मचारियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली है। इसके मद्देनजर मंगलवार को एक पत्थरबाज एसपीओ को जन सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया। इसके अलावा दो सौ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए एक सूची भी तैयार की गई है। सूत्रों ने बताया कि पुलवामा जिला पुलिस में बतौर एसपीओ नियुक्त नसीर अहमद शेख अलगाववादियों के प्रायोजित हिंसक प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहा था। वह अलगाववादियों की तथाकथित तौर पर अपने संसाधनों से भी मदद कर रहा था। चीवा-बड़गाम निवासी नसीर अहमद को 15 सितंबर को पत्थरबाजी करते हुए पकड़ा गया था। पूछताछ के बाद उसे मंगलवार को कठुआ जेल ले जाया गया। सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने खुफिया एजेंसियों की मदद से उन सभी सरकारी कर्मचारियों की सूची बना ली है, जो किसी न किसी तरह अलगाववादियों के एजेंडे को हवा दे रहे हैं या फिर उनकी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सभी आवश्यक तथ्य जुटा लिए गए हैं(नवीन नवाज़,दैनिक जागरण,श्रीनगर,29.9.2010)।
जानकारी के लिस आभार। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
जवाब देंहटाएंदेसिल बयना-नदी में नदी एक सुरसरी और सब डबरे..., करण समस्तीपुरी की लेखनी से, “मनोज” पर, पढिए!
काव्य प्रयोजन (भाग-१०), मार्क्सवादी चिंतन, मनोज कुमार की प्रस्तुति, राजभाषा हिन्दी पर, पधारें