एजुकेशन डिपार्टमेंट ने बोर्ड एग्जाम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। गाजियाबाद जिले में कितने एग्जाम सेंटर बनाए जाने की संख्या को निर्धारित करने के लिए जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर बैठक होने वाली है। इस वर्ष बोर्ड एग्जाम में करीब 83 हजार स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हैं। जबकि पिछले वर्ष बोर्ड एग्जाम में 72 हजार स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण एग्जाम सेंटर भी ज्यादा बनाए जाएंगे।
यूपी बोर्ड एग्जाम मार्च के फर्स्ट वीक में शुरू होंगे। स्कूलों से बोर्ड एग्जाम में रजिस्टर्ड होने वाले स्टूडेंट्स के फार्म जमा करने को कहा गया है। अधिकांश स्कूलों से फार्म जमा भी हो चुके है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एग्जाम में रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों के अनुसार ही एग्जाम सेंटर बनाए जाते है। एग्जाम सेंटर की लिस्ट पहले से निर्धारित की जाती है। इसके बाद यह लिस्ट बोर्ड मुख्यालय भेजी जाती है। यदि किसी सेंटर को लेकर कोई आशंका रहती है तो उसे अवैध घोषित कर दिया जाता है। डिपार्टमेंट द्वारा जो सेंटर बनाए जाते है उसमें मुख्य रूप से एग्जाम पेपर व कॉपियों की सुरक्षा, फर्नीचर, बिजली-पानी, सफाई व्यवस्था, स्कूल के आसपास का माहौल को देखा जाता है।
बकौल सूत्र, इस वर्ष बोर्ड एग्जाम में रजिस्टर्ड होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या काफी अधिक है। पिछले वर्ष 72 हजार स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम के लिए रजिस्टर्ड थे, लेकिन इस बार करीब 83 हजार परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हैं। जिसमें से 51 हजार परीक्षार्थी हाईस्कूल में रजिस्टर्ड हैं। इस तरह से करीब 11 हजार परीक्षार्थी अधिक हैं। पिछले वर्ष डिपार्टमेंट ने 103 एग्जाम सेंटर बनाए थे परंतु इस वर्ष करीब 115 सेंटर बनाए जाने की संभावना है।
सेंटर अधिक होंगे तो सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी करनी होगी। अधिक सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती करनी होगी। एक सेंटर पर बोर्ड द्वारा निर्धारित न्यूनतम 300 से अधिकतम 1000 परीक्षार्थी ही एग्जाम देंगे। व्यवस्था बनाने के लिए जल्द ही एजुकेशन डिपार्टमेंट के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी(नवभारत टाइम्स,गाजियाबाद,23.9.2010)।
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