हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजा है। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फार्मेसी विभाग में पिछले साल जून में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर लगाई गई याचिका के आधार पर नोटिस जारी हुए।
उच्च शिक्षा विभाग को भी नोटिस भेजा गया है। इसी साल 29 अप्रैल को यह याचिका दायर की गई थी। इसमें इंटरव्यू के बाद 4 रीडर और 5 लेक्चरर की हुई नियुक्तियों पर सवाल उठाए गए हैं।
कमेटी ही गलत, नियुक्तियां रद्द करें
विभाग की लेक्चरर रश्मि दाहिमा ने शिकायत में कहा है कि पिछले साल 22 जून को हुए इंटरव्यू के कॉल लेटर केवल 5 दिन पहले भेजे गए। इंटरव्यू कमेटी के 2 सदस्य अवैधानिक तरीके से नियुक्त किए गए थे। बड़ी गड़बड़ी यह थी कि तत्कालीन कुलपति डॉ.अजितसिंह सेहरावत को इंटरव्यू कमेटी की अध्यक्षता करना थी लेकिन वे दिनभर गायब रहे और शाम को हस्ताक्षर कर दिए। शिकायतकर्ता के अभिभाषक वाजिद एम. खान ने बताया कोर्ट ने मामला गंभीर मानकर संबंधितों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
आईएमएस और आईआईपीएस आएगी एआईसीटीई टीम
एमबीए (फुल टाइम) की एनआरआई कोटे की सीटों के मामले में एआईसीटीई की टीम गुरुवार को आएगी। टीम सीटों के आवंटन की प्रक्रिया और अन्य औपचारिकताओं के संबंध में जानकारी लेगी। यूनिवर्सिटी के इन दोनों संस्थानों में ही कोर एमबीए कोर्स चल रहा है। इसमें आईआईपीएस में एनआरआई कोटे की तीन और आईएमएस में छह सीटें हैं(दैनिक भास्कर,इन्दौर,16.9.2010)।
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