सचिवालय के एनेक्सी और बापू भवन में सोमवार को बदला-बदला नजारा था। चार दिन की छुट्टी की खुमारी के बाद अधिकारी-कर्मचारी सुबह ड्यूटी पर पहुँचे तो प्रवेश के लिए स्मार्ट कार्ड की नई हाईटेक प्रवेश व्यवस्था लागू हो चुकी थी। सुरक्षा और वक्त पर आना सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई इस व्यवस्था की शुरुआत सोमवार से हो जाने की जानकारी हालाँकि पहले दी जा चुकी थी फिर भी सैकड़ों कर्मचारी ऐसे थे जो कार्ड या तो लाना ही भूल गए थे या जिन्होंने अभी तक कार्ड बनवाए ही नहीं। नतीजा अफरातफरी। ड्यूटी पर लेट आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पसीने आ रहे थे, क्योंकि नई व्यवस्था में स्मार्ट कार्ड के जरिए प्रवेश के साथ ही उसका वक्त भी दर्ज हो जाता है। सुबह नौ बजे ही एनेक्सी का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था और स्मार्ट कार्ड सिस्टम लगे हॉल का सड़क की ओर खुलने वाला दरवाजा खोल दिया गया था। अधिकारी व कर्मचारी इस दरवाजे से प्रवेश कर हॉल में पहुँच रहे थे। वहाँ लगे सिस्टम में कार्ड पंच करने के बाद ही उसमें लगी बाधा खुल रही थी जिसके जरिए कार्ड पंच करने वाले एनेक्सी के परिसर में पहुँच पा रहे थे। जो कार्ड नहीं लाए थे उन्हें पहला दिन होने के कारण चेतावनी के साथ छूट दी गई और स्मार्ट कार्ड सिस्टम के बगल की खाली जगह से जाने दिया गया। जिन कर्मचारियों ने अभी तक कार्ड बनवाया ही नहीं है, उन्हें तत्काल स्मार्ट कार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। एनेक्सी में शाम सात बजे के बाद ही मेन गेट खुला। बापू भवन में अफरातफरी इसलिए ज्यादा थी क्योंकि यहाँ स्मार्ट कार्ड पंच करने वाला सिस्टम लिफ्ट के ठीक पहले चबूतरे पर लगाया गया है। यानी जो कार्ड नहीं लाए या जिनका कार्ड नहीं बना, उन्हें पूरे भवन का पैदल चक्कर लगाकर सीढ़ियों तक पहुँचना पड़ा और फिर सीढ़ियों से हाँफते हुए अपने कार्यालय। स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था फिलहाल नवीन भवन और सचिवालय के मुख्य भवन में लागू नहीं हो पाई है लेकिन यहाँ भी इसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इन दोनों भवनों के अलावा एनेक्सी और बापू भवन में आने वाले बाहरी लोगों के लिए भी इसे शीघ्र ही लागू करने की योजना है।
लेटलतीफों पर शिकंजा
■ पहले दिन कार्ड न लाने वाले सैक ड़ों लोगों को चेतावनी के साथ मिली अंदर जाने की छूट
■ बाहरी लोगों के लिए भी इसे शीघ्र लागू क रने की योजना
■ सचिवालय मुख्य भवन और नवीन भवन में भी स्मार्ट कार्ड
(हिंदुस्तान,लखनऊ,7.9.2010)
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