भारतीय दर्शन के व्यावहारिक मूल अहिंसा और शांति को अध्ययन-अध्यापन के माध्यम से देश और दुनिया के सामने रखने की दिशा में काफी काम हो रहा है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के संबंधित पाठय़क्रमों का मूल उद्देश्य भी विसंगतियों से भरे संसार को शांति की राह पर ले जाना है। विश्वशांति के परिप्रेक्ष्य में शांति सैनिक का निर्माण इस पाठय़क्रम का हिस्सा है। इस तरह अहिंसा और शांति जैसे बहुआयामी चरित्र वाले अनुशासन में जीवन निर्माण और व्यवस्था निर्माण के विविध पक्षों का इसके कोर्स में समावेश किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति विभूति नारायण राय के अनुसार, यह विश्वविद्यालय पारंपरिक पाठय़क्रमों से भिन्न हिंदी माध्यम से शोध कार्य व बौद्धिक विमर्श करने तथा सबके साथ मैत्री व अपनी समेत सबकी संस्कृतियों का सम्मान करने के लिए प्रेरित करता है। एक विभाग के रूप में इस विषय के अध्ययन की समूची प्रक्रिया को विद्यार्थी यहां सीख रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के इस पाठय़क्रम को पढ़ कर निकले विद्यार्थी अहिंसक समाज रचना के लिए कार्य करेंगे। अहिंसा एवं शांति अध्ययन के विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र प्रसाद मोदी कहते हैं कि ग्लोबल हो चुकी इस दुनिया में आतंकवाद भी वैश्विक हो गया है। शांति एक नयी संस्कृति चाहती है। विश्वविद्यालय का पाठय़क्रम समाज को एक नई राह दिखाने का कार्य करेगा। विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. डीएन प्रसाद कहते हैं कि गांधीजी अफ्रीका गए थे अब्दुल्ला भाई के न्यायिक संघर्षों के समाधान के लिए। उन्होंने उसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया। उसी तरह से सरकारी या गैर सरकारी बड़े प्रतिष्ठानों में लीगल एडवाइजर की जगह पीस एडवाइजर की नियुक्ति आज के युग में ज्यादा प्रासंगिक है। पाठय़क्रम अहिंसा एवं शांति अध्ययन विभाग में एमए, एमफिल व पीएचडी तथा विभाग के अन्तर्गत फ्यूजी गुरुजी शांति अध्ययन केंद्र में समाज कार्य में एमए तथा एमफिल की पढ़ाई होती है। प्रवेश पात्रता एमए पाठय़क्रम हेतु किसी भी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुशासन तथा किसी भी अनुशासन में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक (10+2+3) परीक्षा उत्तीर्ण, एमफिल के लिए मानविकी व समाज विज्ञान विषय में 55 प्रतिशत अंकों के साथ एमए उत्तीर्ण तथा पीएचडी के लिए 55 प्रतिशत से एमए या एमफिल उत्तीर्ण होना जरूरी है। अध्ययन शुल्क एमए के लिए 1295 रुपए, एमफिल के लिए 1345 रुपए तथा पीएचडी के लिए 3245 रुपए निर्धारित हैं। सुविधाएं एमए में मेधा मेरिट स्कॉलरशिप, एमफिल में प्रत्येक को 3000 रुपए प्रतिमाह स्कॉलरशिप, पीएचडी में प्रत्येक को 5000 रुपए प्रतिमाह स्कॉलरशिप (एससी/एसटी को राजीव गांधी फैलोशिप तथा अल्पसंख्यकों के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के तहत 12000 रुपये प्रतिमाह), प्रत्येक को इंटरनेट की सुविधा। आवासीय विश्वविद्यालय होने के कारण विद्यार्थियों को रियायती दर पर छात्रवास, बस की सुविधा, प्रत्येक विद्यार्थी को कंप्यूटर व इंटरनेट तथा मेडिकल बीमा कार्ड उपलब्ध करवाया जाता है। प्रवेश प्रक्रिया एमए व एमफिल के लिए दाखिला प्रक्रिया क्रमश: दो चरणों में पूरी होती है। पहले चरण में लिखित परीक्षा तथा दूसरे चरण में साक्षात्कार। पीएचडी में प्रवेश के लिए यूजीसी के न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया विनिमय, 2009 के अनुसार प्रवेश तीन चरणों, लिखित, अंतरक्रियात्मक/कार्यशाला तथा साक्षात्कार के आधार पर होता है। विश्वविद्यालय में चलाए जा रहे पाठय़क्रमों की विस्तृत जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.hindivishwa.org पर लॉगऑन किया जा सकता है(अमित कुमार विश्वास,हिंदु्स्तान,दिल्ली,29.9.2010)।
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29 सितंबर 2010
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय: पाठ अहिंसा और शांति का
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