10वीं के स्टूडेंट्स चाहे स्कूल लेवल पर एग्जाम दे रहे हों या फिर बोर्ड एग्जाम में बैठ रहे हों, उन सबके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है। यानी मार्च में 10वीं के बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स को भी दूसरे स्टूडेंट्स की तरह केवल सेकंड टर्म के सिलेबस समैटिव असेसमेंट (एसए-2) की ही तैयारी करनी पड़ी। बोर्ड ने साफ किया है कि सितंबर में स्कूल लेवल पर हो रहे फर्स्ट समैटिव असेसमेंट (एसए-1) के नंबरों का महत्व उन स्टूडेंट्स के लिए भी होगा, जो बोर्ड एग्जाम में बैठेंगे। सीबीएसई स्कूलों से फर्स्ट टर्म एग्जाम के नंबरों का डेटा ले लेगी और फाइनल असेसमेंट रिपोर्ट में उसे भी शामिल करेगी।
बोर्ड के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एम. सी. शर्मा ने बताया कि सिलेबस और मार्किंग स्कीम सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जैसी है। उन्होंने कहा कि 12वीं तक चलने वाले स्कूलों में वही स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम में बैठ सकते हैं, जो सीबीएसई सिस्टम से बाहर आना चाहते हैं। ऐसे स्टूडेंट्स और उनके पैरंट्स को स्कूलों को यह अंडरटेकिंग या लिखित में देना होगा कि वे 10वीं के बाद सीबीएसई सिस्टम में नहीं रहना चाहते। इसके अलावा 10वीं तक के स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को बोर्ड एग्जाम देना होगा। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया है कि फर्स्ट टर्म में स्कूल लेवल पर होने वाला स्टूडेंट्स के असेसमेंट का महत्व सभी के लिए बराबर होगा। स्कूल लेवल या बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले सभी स्टूडेंट्स को बोर्ड की ओर से ही सर्टिफिकेट दिया जाएगा। शर्मा ने पैरंट्स और स्टूडेंट्स को सलाह दी कि बोर्ड और स्कूल लेवल पर होने वाले एग्जाम की बराबर वैल्यू है। स्कूल लेवल पर जो एग्जाम हो रहे हैं, उनके लिए भी क्वेश्चन पेपर की सीडी बोर्ड ही भेज रहा है।
कंटिन्युअस एंड कॉम्प्रिहेंसिव इवैल्युएशन (सीसीई) में सितंबर में फर्स्ट समैटिव असेसमेंट और मार्च में सेकंड समैटिव असेसमेंट होना है। समैटिव असेसमेंट प्रोसेस में स्टूडेंट्स को स्कूल लेवल पर ही टर्म एग्जामिनेशन देने होंगे। बोर्ड की पॉलिसी के मुताबिक, फर्स्ट टर्म टेस्ट में जो सिलेबस आएगा, उसे मार्च में होने वाले टेस्ट में दोहराया नहीं किया जाएगा। यही पॉलिसी बोर्ड एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी लागू होगी। लोधी रोड स्थित एयर फोर्स बाल भारती स्कूल के प्रिंसिपल आनंद स्वरूप ने बताया कि उनके स्कूल में स्टूडेंट्स के लिए सर्कुलर जारी कर दिया गया है, जिसमें सीबीएसई की गाइडलाइंस हैं। स्टूडेंट्स को यह बताना है कि वे बोर्ड एग्जाम देना चाहते हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि फर्स्ट टर्म एग्जामिनेशन के मार्क्स भी बोर्ड को भेज दिए जाएंगे(भूपेंद्र,नभाटा,दिल्ली,16.9.2010)।
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