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02 सितंबर 2010

डूसू चुनावःबुआ-भतीजी ने दिखाया 'जीत' का ट्रेलर

डूसू चुनाव में बुआ भतीजी की जोड़ी इस बार खूब रंग जमा रही है। बुआ बोले तो एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार प्रिया और सचिव पद की उम्मीदवार उसकी भतीजी नीतू डबास। चुनाव में जाट बिरादरी की इन दबंग नेत्रियां के जलवे हैं। दोनों विपक्ष के "जलने भुनने" की वजह भी बनी हुई हैं।

चुनावी मैदान में इन दोनों का मुकाबला एनएसयूआई के वर्धन चौधरी और दीपिका देशवाल से है। प्रिया श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज छात्रसंघ की अध्यक्षा रही है। राजनीतिक अनुभव और स्मार्टनेस के कारण वोटरों में पैठ बनाने में एनएसयूआई के चौधरी से तेज है। कैंपस और बाहर के कॉलेजों में प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देने में प्रिया और नीतू के लिए जाति और छवि दोनों मददगार साबित हो रहा है। इस बात से उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी भी वाकिफ हैं। एनएसयूआई से जुड़े एक नेता कहते हैं, प्रिया के समर्थकों ने साउथ कैंपस से सटे कॉलेजों में वर्धन की हवा खराब कर रखी है। वे कॉलेज के अंदर प्रतिद्वंदी को प्रचार के लिए भी घुसने नहीं दे रहे हैं। साउथ के अलावा बाहरी दिल्ली के अदिति, श्रद्धानंद, भगिनी निवेदिता और जाट बहुल अन्य कॉलेजों में प्रीति की दबंगई कुछ ऐसी है कि दूसरे प्रत्याशियों के पांव टिक नहीं पाए हैं। उसके साथ कॉलेजों में प्रचार के लिए परिषद ने अपने प्रत्याशी सौरभ उनियाल को जोड़ा है। भतीजी नीतू को डूसू के योग्य उम्मीदवारों में गिना जा रहा है। हिन्दू कॉलेज में एमए राजनीतिशास्त्र की छात्रा होने के कारण कैंपस में वह अपने पक्ष में काफी हवा बना चुकी है। उसके सामने एनएसयूआई से जाट बिरादरी की ही दीपिका देशवाल मुकाबले में खड़ी है। लेकिन छवि और बोलचाल में नीतू वोटरों के बीच ज्यादा असरदार साबित हो रही है। बुआ भतीजी की जोड़ी को जिताने के लिए जाट बाहुल्य गांवों की पंचायत भी खड़ी हो गई है। गांव के बुजुर्ग हुक्के के दम पर हवा का ヒख पलटने की पुरजोर कोशिश में जुट गए हैं। परिषद ने नीतू के साथ प्रचार के लिए अध्यक्ष पद के उम्मीदवार जीतेन्द्र चौधरी को जोड़ा है ताकि उसकी तेज तर्रार छवि का फायदा चौधरी को मिले। जीतेन्द्र का कड़ा मुकाबला बिरादरी और इलाके के हरीश चौधरी से है(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,2.9.2010)।

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