में पब्लिक स्कूलों की मनमानी लगातार जारी है। गरीब बच्चों के लिए निर्धारित कोटे में दिए दाखिलों की जानकारी नहीं देने वाले ऐसे ही कुछ स्कूलों के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई शुरू की है। दिल्ली पब्लिक स्कूल, माउंट कारमेल, मॉडर्न इंटरनेशनल, सेंट मैरी स्कूल, वंदना इंटरनेशनल सहित १८ निजी पब्लिक स्कूलों को शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
नियमानुसार दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त सभी निजी स्कूलों को अपने यहां हर साल दिए जाने वाले नए प्रवेश में आर्थिक रूप से गरीब १५ फीसदी बच्चों को ईडब्लूएस कोटे के अंतर्गत दाखिला देना होता है। इन बच्चों से किसी तरह की फीस नहीं वसूली जा सकती। स्कूलों द्वारा इसकी जानकारी हर साल शिक्षा विभाग को भी देनी होती है। पर यह स्कूल औपचारिकता को पूरा नहीं कर रहे थे।
राजधानी में दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या १२२० है। इनमें से ३९४ को दिल्ली विकास प्राधिकरण सहित दूसरी एजेंसियों ने स्कूल के लिए जगह निःशुल्क या रियायती दामों पर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा २९ दिसंबर २००९ को एक सर्कुलर जारी कर व २८ जुलाई २०१० को पुनःस्मरण पत्र जारी कर सभी स्कूलों को यह आदेश दिया था कि वह ईडब्लूएस कोटे में दिए गए प्रवेश की जानकारी शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं।
इसके बावजूद दक्षिण-पश्चिम जिला के अंतर्गत वर्ष २०१०-११ में जोन २१ के १८ स्कूलों ने इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं दी। ऐसे सभी स्कूलों को दिल्ली स्कूली शिक्षा अधिनियम रुल्स १९७३ के अंतर्गत "कारण बताओ नोटिस" जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जिन स्कूलों ने अपने यहां निर्धारित संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला नहीं दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ऐसे स्कूलों को नोटिस देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। नईदुनिया ने पिछले दिनों कुछ नामी-गिरामी पब्लिक स्कूलों द्वारा गरीब छात्रों का कोटा पूरा नहीं किए जाने की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था(हीरेंद्र सिंह राठौड़,नई दुनिया,दिल्ली,2.9.2010)।
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