गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के छात्रों को दर दर नौकरी की तलाश में भटकने की जरूरत नहीं है। छात्रों की प्लेसमेंट कराने के लिए विश्वविद्यालय गुडगांव में प्लेसमेंट सेल खोलने जा रहा है। छात्रों को ट्रेनिंग दिलाने से लेकर नौकरी दिलाने का काम इसी प्लेसमेंट सेल के माध्यम से किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने अधिकाधिक प्लेसमेंट कराने के लिए बाहरी प्रोफेशनल्स को भी हायर करने की अनुमति दे दी है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय मे गठित केद्रीय प्लेसमेंट सेल को भंग कर विभागों में ही प्लेसमेंट सेल की स्थापना कुलपति के तत्काल आदेश से कर दी गई है। विभाग अब गुड़गांव स्थित प्लेसमेंट सेल से समन्वय कर ज्यादा से ज्यादा प्लेसमेंट करवाने का कार्य करेंगे।
विभागों मे स्थापित की गई यह सेल छात्रों के बायोडाटा बनाने से लेकर छात्रों के प्लेसमंेट और ट्रेनिंग करवाने का कार्य करेगी। अगर सबकुछ योजना अनुरूप रहा तो इसी महीने के अंत तक विश्वविद्यालय गुडगांव प्लेसमेंट सेल का उद्घाटन भी हो जाएगा।
यह सेल विभिन्न क्षेत्रों की कपंनियों से विभागों को समन्वय स्थापित करवा कर अधिकाधिक छात्रों को नौकरी दिलाने में मदद करेगी। दरअसल कैंपस में अलग अलग विभागों के छात्रों की प्लेसमेंट को लेकर दिक्कतें आ रही थीं।
इसके कारण विश्वविद्यालय में वीसी की अध्यक्षता में हुई एक बठक में प्लेसमेंट की जिम्मेदारी विभागों को ही सौंपने का निर्णय लिया गया। नई प्लेसमेंट नीति के तहत विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में प्रत्येक विभाग में एक सेल बनाई जाएगी। इसमें दो वरिष्ठ अध्यापक और तीन से चार छात्र मेंबर होंगे।
बायोडाटा बनाने से लेकर प्लेसमेंट तक सारे काम इसी सेल के माध्यम से संपन्न होंगे। विभाग सीधे ही कंपनियों को डील करने के लिए स्वतंत्र होंगे। विश्वविद्यालय में समय समय पर कंपनियों के सेमिनार, कांफं्रेस और छात्रों से भेटवार्ता कराने का काम भी विभागीय प्लेसमेट सेल करेगी।
विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि उसकी वर्कशाप, एलुमनी मीट, कांफ्रेंस व सेमिनार जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कोई ने कोई कंपनी जरूर आमंत्रित की जाए। प्लेसमेंट सेल की निगरानी के लिए वीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें कुलसचिव,सभी विभागों के डीन, दो वरिष्ठ प्रोफेसर और उद्योग जगत से संबंधित किसी समूह के दो सदस्य होंगे। कमेटी साल भर में दो बार बैठक कर सेल की प्रगति रिपोर्ट जांचेगी।
उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि करते हुए कुलपति डॉक्टर एमएल रंगा ने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों को ज्यादा से ज्यादा प्लेसमेंट करवाने की सोच रहा है। इसको देखते हुए यह निर्णय लिए गए हैं। गुडगांव में स्थित प्लेसमेंट सेल कंपनियों से समंवय स्थापित करेगी और यहां विभाग छात्रों को कंपनियों के आशानुरूप ट्रेंड कर प्लेसमेंट के लिए तैयार करेगा। सभी विषयों में कार्यशैली अलग है इसलिए जिम्मेंदारी भी विभागों को सौंप दी गई(दैनिक भास्कर,हिसार,22.9.2010)।
ये बहुत अच्छी पहल है। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
जवाब देंहटाएंदेसिल बयना-गयी बात बहू के हाथ, करण समस्तीपुरी की लेखनी से, “मनोज” पर, पढिए!