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16 सितंबर 2010

हरियाणाःलेक्चरर अड़े, नहीं लेंगे बढ़े हुए पीरियड

हरियाणा के सरकारी कालेज के प्राध्यापकों ने काम के घंटे बढ़ाने संबंधी प्रदेश सरकार के आदेश मानने से इनकार कर दिया है। कालेज प्राध्यापक अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित वर्क लोड के हिसाब से ही पढ़ाई कराएंगे। प्राध्यापकों ने कालेज में प्रतिदिन छह घंटे रुकने के सरकारी आदेश भी खारिज कर दिए हैं। प्राध्यापक कालेजों में सिर्फ पांच घंटे ही ठहरेंगे। अभी तक वे साढ़े पांच घंटे ही कालेज में रुका करते थे। हरियाणा गवर्नमेंट कालेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र भंवरिया ने आरोप लगाया कि खाली पड़े 1200 पदों पर भर्तियां नहीं करने की मंशा से सरकार ने वर्तमान कालेज लेक्चरर का वर्कलोड बढ़ाया है। उच्चतर शिक्षा विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव एसएस प्रसाद द्वारा जारी परिपत्र में कालेज लेक्चरर का वर्कलोड बढ़ाया गया है। लेक्चरर को एक सप्ताह में गैर प्रायोगिक (नान प्रैक्टिकल) विषयों के 27 तथा प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) विषयों के 33 पीरियड लेने होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 24 और 27 पीरियड लिए जाने का प्रावधान है। यूजीसी द्वाराकालेजों में प्रतिदिन पांच घंटे रुकने के आदेश के विपरीत उच्चतर शिक्षा विभाग ने लेक्चरर के लिए छह घंटे रुकने का नया आदेश जारी किया है। स्नातकोत्तर कक्षाओं के 20 पीरियड के स्थान पर 24 पीरियड लेने के निर्देश दिए गए हैं।गवर्नमेंट कालेज टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि चार साल पहले लेक्चरर के लिए प्रतिदिन साढ़े पांच घंटे रुकने का आदेश जारी किया गया था। एसोसिएशन ने वित्तायुक्त एवं उच्चतर शिक्षा आयुक्त से मुलाकात कर नई व्यवस्था पर आपत्ति जाहिर की है। इस बारे में शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल समेत विभिन्न विभागीय अधिकारियों व कालेज प्राचार्यो को सूचना दे दी गई है।

वर्कलोड व काम के घंटे बढ़ाने की खुद सहमति दी थी :
उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा की सहायक निदेशक विमला कलेर ने माना कि सरकारी कालेज के प्राचार्यो द्वारा मुख्यालय में सूचना भिजवाई जा रही है कि लेक्चरर वर्कलोड व काम के घंटे बढ़ाने संबंधी आदेशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। यह आदेश मुख्यमंत्री की स्वीकृति के उपरांत जारी किए गए थे। इस बारे में वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव ने टीचर्स एसोसिएशन की राय ली थी।कालेज टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने वर्कलोड व काम के घंटे बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान की थी(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,16.9.2010)।

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