रेलवे बोर्ड ने सेफ्टी श्रेणियों में एवजी (सब्टीट्यूट) कर्मचारियों को भर्ती करने का अधिकार महाप्रबंधक को दे दिया है। इस आदेश के तहत सेफ्टी श्रेणियों में कुल रिक्तियों का 10 प्रतिशत तथा अन्य श्रेणियों में कुल रिक्तियों के 2 प्रतिशत पद महाप्रबंधकों द्वारा सब्सटीट्यूट कर्मचारियों के रूप में भर्ती किए जा सकेंगे।
ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के सहायक महामंत्री मुकेश गालव ने बताया कि फेडरेशन ने रेलमंत्री ममता बनर्जी से भारतीय रेल में हजारों की संख्या में रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की थी। जिसमें कहा गया था कि रिक्त पदों के कारण रेलों के सुरक्षित संचालन करना मुश्किल हो गया है।
फेडरेशन के सुझाव को मंत्री ने मानते हुए रेलवे बोर्ड को आदेश दिए। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 17 सितंबर को रेलवे में सेफ्टी श्रेणियों में कुल रिक्तयों का 10 प्रतिशत तथा अन्य श्रेणियों में कुल रिक्तियों के 2 प्रतिशत पद महाप्रबंधकों दरा एवजी कर्मचारियों से भरने के आदेश जारी किए।
अब ओपन लाइन स्टाफ, ऑपरेटिंग, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, सिगनल विभाग के ट्रेन ऑपरेशन में कार्य करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिक्तियों में भर्ती की जाएगी। भर्ती की प्रक्रिया सरकुलर जारी होने की तिथि 17 सितंबर से की जाएगी।रिक्त पदों से ये थी परेशानी रेलवे में हजारों रेलकर्मियों के पद रिक्त होने से कार्यरत कर्मचारियों को समय पर छुट्टी, विश्राम व अवकाश नहीं मिल पा रहा था। नए कर्मचारियों की भर्ती से उन स्थाई रेलकर्मियों को भी राहत मिलेगी तथा रेल के कुशल संचालन में सहयोग मिलेगा।
एवजी कर्मियों को ये लाभ मिलेंगे
एवजी (सब्टीट्यूट) रेलकर्मियों को जिन विभागों में भर्ती किया जाएगा उसमें चार माह की नियमित सेवा के बाद उनको नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के समान वेतन, भत्ते, पास, मेडिकल की सुविधा दी जाएगी। एवजी कर्मचारियों की भर्ती मुख्यालय स्तर पर की जाएगी(दैनिक भास्कर,कोटा,22.9.2010)।
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