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16 सितंबर 2010

यूपीःहर केन्द्र पर होंगे एक से अधिक विद्यालय के परीक्षार्थी

इस साल हर परीक्षा केन्द्र पर एक से अधिक विद्यालयों के छात्र भेजे जायेंगे। किसी भी केन्द्र पर सिर्फ एक ही विद्यालय के छात्र नहीं रहेंगे। इतना ही नहीं, पिछले वर्षो में किन्हीं कारणों से बोर्ड परीक्षा का केन्द्र बनने से डिबार किये गये वित्तविहीन विद्यालयों को इस साल भी केन्द्र नहीं बनाया जायेगा। शासन द्वारा बोर्ड परीक्षा 2011 के लिए जारी नई केन्द्र निर्धारण नीति में ये निर्देश दिये गये हैं। इसमें सभी केन्द्रों का निर्धारण 25 अक्टूबर तक करके सूची जारी कर देने तथा इस साल भी दो कक्ष निरीक्षकों की व्यवस्था को लागू रखने का निर्देश दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव जितेन्द्र कुमार द्वारा 10 सितंबर को जारी नई केन्द्र निर्धारण नीति के अनुसार जिन परीक्षा केन्द्रों में पिछले तीन वर्षो में अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार, हिंसात्मक या आगजनी की घटनाएं आदि हुई हों, जहां सामूहिक नकल के चलते दोबारा परीक्षा संपादित करानी पड़ी हो, जिन विद्यालयों के खिलाफ अधिकारियों ने कोई नकारात्मक आख्या दी हो या फिर जहां प्रबंधक-प्रधानाचार्य विवाद आदि हों, उनको इस साल भी परीक्षा केन्द्र नहीं बनाया जायेगा। इसमें वित्तपोषित व राजकीय विद्यालय शामिल नहीं हैं। शासन ने इस बार सभी वित्त पोषित व शासकीय विद्यालयों को काली सूची से बाहर कर दिया है। यह निर्देश दिये गये हैं कि काली सूची में शामिल रहे वित्त पोषित विद्यालयों को छात्राओं के लिए तीन साल तक स्वकेन्द्र नहीं बनाया जायेगा। साथ ही जिन प्रधानाचार्यो के कार्यकाल में विद्यालय को डिबार किया गया हो, उनको केन्द्र व्यवस्थापक नहीं बनाया जायेगा। अगर नए प्रधानाचार्य तैनात हो गये हों, तो उन्हें केन्द्र व्यवस्थापक बनाया जा सकता है। शासन ने इसके साथ ही वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में दूसरे सहायता प्राप्त विद्यालय या राजकीय विद्यालय के अध्यापकों को केन्द्र व्यवस्थापक बनाने के निर्देश दिये हैं। इसमें संबंधित विद्यालय का प्रधानाध्यापक अतिरिक्त केन्द्र व्यवस्थापक के रूप में नियुक्त रहेगा। शासन द्वारा निर्धारित समय सारिणी के अनुसार जिलों में केन्द्रों का निर्धारण बीस सितंबर तक कर दिया जायेगा। जिला स्तरीय समिति 25 सितंबर को इस सूची का सार्वजनिक प्रकाशन कर आपत्तियां आमंत्रित करेगी। पांच अक्टूबर तक प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण कर 15 अक्टूबर तक इस सूची को अनुमोदित कर मंडलीय समिति को भेज दिया जायेगा। मंडलीय समिति इस सूची को मंजूर करने के बाद 25 अक्टूबर तक इसे माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज देगी।

अभ्यर्थियों के परीक्षा केन्द्र :
व्यक्तिगत बालक परीक्षार्थी जिस विद्यालय से पंजीकृत हों, उन्हें उनके परीक्षा केन्द्र के रूप में आवंटित नहीं किया जाएगा। नई केन्द्र निर्धारण नीति के तहत व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का केन्द्र जिला या तहसील मुख्यालय पर रखने को कहा गया है। इसमें व्यक्तिगत बालिका परीक्षार्थियों को अलबत्ता स्वकेन्द्र की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही विकलांग परीक्षार्थियों को विकलांग विद्यालयों में स्वकेन्द्र की सुविधा दी जायेगी(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,16.9.2010)।

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