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23 सितंबर 2010

झारखंडःअनुबंधित शिक्षकों को नौकरी छोड़ नक्सली बनने का लालच

झारखंड के संविदा शिक्षकों को नक्सलियों ने सरकार की गुलामी छोड़ उनके साथ आने का आह्वान किया है। नक्सलियों ने अपने संदेश में कहा है, तीन हजार के लिए इतनी मारामारी, अरे छोड़ो सरकार की गुलामी, हमारे साथ आओ, पांच हजार महीना वेतन पाओ। मासिक वेतन में बढ़ोतरी समेत स्थायीकरण की मांग को लेकर बीस दिनों से हड़ताल पर चल रहे सूबे के संविदा शिक्षकों को नक्सलियों ने गांधीवादी आंदोलन छोड़ सरकार के खिलाफ गोली का इस्तेमाल करने को कहा। पटमदा के बोड़ाम में आंदोलन पर चल रहे पारा शिक्षकों के घर सोमवार शाम भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (माओवादी) के कुछ सदस्य पहुंच गए और उनके आंदोलन के बारे में जानकारी ली। नक्सलियों ने शिक्षकों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वे उनके साथ हैं, लेकिन तीन हजार के लिए इतनी जद्दोजहद करने का कोई मतलब नहीं हैं। हमारे साथ आएं और व्यवस्था परिवर्तन जैसे बड़े उद्देश्य की लड़ाई लड़ें। इससे करोड़ों लोगों का भला होगा। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस ने मंगलवार को पटमदा, कमलपुर व बोड़ाम पुलिस के साथ सीआरपीएफ के जवानों की चार अलग-अलग टीमें बनाकर दलमा क्षेत्र में चौतरफा सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कोई नक्सली हाथ नहीं लगा। सर्च ऑपरेशन में शामिल एक थाना प्रभारी ने कहा कि संविदा शिक्षक सरकार पर दबाव बनाने के लिए भी इस तरह की सूचना दे सकते हैं। इसकी पड़ताल हो रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर वरीय पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार झा ने कहा कि फिलहाल कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग सकी है। जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है(ब्रजेश मिश्र/कल्याण गोराई.दैनिक जागरण,जमशेदपुर,23.9.2010)।

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