प्रदेश कांग्रेस के सत्तारूढ़ सांसदों सहित तेलंगाना समर्थकों के प्रदर्शन के बीच आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) ने समूह एक के अधिकारियों की भर्ती के लिए रविवार को राज्य भर में प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया। प्रदेश की राजधानी स्थित उस्मानिया विश्वविद्यालय में उस वक्त तनाव फैल गया, जब तेलंगाना समर्थक कार्यकर्ताओं के एक दल ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय का परिसर अलग तेलंगाना राज्य के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का संघर्ष स्थल है। नौकरियों में तेलंगाना क्षेत्र का हिस्सा निर्धारित किए जाने तक परीक्षा लंबित रखने की मांगों के बावजूद एपीपीएससी द्वारा परीक्षा का आयोजन किए जाने के विरोध में छात्रों और तेलंगाना समर्थकों ने विश्वविद्यालय परिसर के भीतर प्रदर्शन किया। तेलंगाना समर्थक कार्यकर्ताओं ने परीक्षा केंद्रों पर जारी किए गए निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए अवरोधकों को तोड़ दिया। प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय के अंदर बीएड कॉलेज में बनाए गए एक परीक्षा केंद्र की चहारदीवारी पर चढ़ गए। कार्यकर्ता जय तेलंगाना के नारे लगाते हुए परीक्षा केंद्र में जबरन घुस गए और उन्होंने उम्मीदवारों से कथित तौर पर उत्तर पुस्तिका और प्रश्न पत्र छीन लिए तथा उनमें आग लगा दी। हालांकि, पुलिस ने हस्तक्षेप किया और उन्हें एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया। यहां तक कि परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ छात्र भी परीक्षा छोड़ कर बाहर निकले और प्रश्न पत्रों को फाड़ दिया। गिरफ्तारी को लेकर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जबकि पुलिसकर्मियों ने हिंसक भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पूर्वी जोन के पुलिस उपायुक्त महेश चंद्र लड्ढा ने संवाददाताओं को बताया कि बाद में लगभग 60 प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि पथराव में तीन पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। कांग्रेस सांसदों मधु याश्की गौड, जी. सुखेंद्र रेड्डी, एम जगन्नाथ, के. राजगोपाल रेड्डी तथा जी. विवेक ने यहां उस्मानिया विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का साथ दिया, वहीं पूनम प्रभाकर तथा एस. राजैया ने अपने लोकसभा क्षेत्रों करीमनगर एवं वारंगल में विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। सासदों और विधायकों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया, लेकिन बाद में जमानत पर उन्हें छोड़ दिया गया। बहरहाल, अधिकारियों ने इस परीक्षा केंद्र पर हुई परीक्षा को निरस्त घोषित कर दिया। गौरतलब है कि उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों की संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) संयोजक एम कोडानडरम ने भी यह मांग की कि उम्मीदवारों की उपस्थिति बहुत कम रहने को लेकर तथा प्रश्न पत्र लीक होने के चलते परीक्षा रद्द की जानी चाहिए। उन्होंने बताया, यहां तक कि जो लोग परीक्षा में बैठे थे, वे लोग भी तनावपूर्ण माहौल के चलते शांतिपूर्वक परीक्षा नहीं दे सकें। इसलिए, हम सरकार से इस परीक्षा को रद्द करने की अपील करते हैं। भाजपा के विधायक लक्ष्मीनारायण सहित कुछ भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी उस वक्त एहतियातन हिरासत में ले लिया गया, जब वे विश्वविद्यालय परिसर गए। तेलंगाना समर्थकों ने अपनी आबादी के हिसाब से नौकरियों में क्षेत्र के लिए 42 फीसदी आरक्षण की मांग की है (दैनिक जागरण, राष्ट्रीय संस्करण, 6.9.2010)।
i oppose reservation
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